
बीड़ (खंडवा). प्रदेश की सबसे बड़ी चार इकाइयों से पानी कोयले के साथ 2520 मेगावाट बिजली उत्पादन करने वाली सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना इस समय कोयले की कमी से जूझ रही है। वर्तमान में जानकारी अनुसार इस समय कोयला यार्ड में चार दिनों का 1 लाख 15 हजार मीट्रिक टन कोयले का स्टॉक बचा हुआ है। चारों इकाइयाँ फुल क्षमता से बिजली उत्पादन किया जाता है।
एक दिन में 32 हजार मीट्रिक टन के लगभग कोयले की खपत होती है।
इस हिसाब से देखा जाए तो अगर चार दिनों तक कोयला रैक नहीं पहुंच पाता है तो एकमात्र स्टॉक खत्म होने की स्थिति में बड़े विद्युत परियोजना में इकाइयों से होने वाले विद्युत उत्पादन प्रभावित हो सकता है। जिसका असर पूरे मध्य प्रदेश में मिलने वाला बिजली पर देखने को मिल सकता है।
जानकारों का कहना है कि हमेशा कोयला स्टॉक बिजली उत्पादन कर रहे विद्युत परियोजना में 1 महीने का रहना चाहिए। इसकी तैयारी परियोजना प्रबंधक के साथ प्रबंधक संचालक को भी करनी चाहिए। इस तरह की जो वर्तमान में कोयला स्टॉक को लेकर स्थिति है वह नहीं होनी चाहिए। गीला कोयला आने से इकाइयों के साथ बिजली उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ता है। खदानों से कोयला रैक लगाकर सीधे प्लांट तक पहुंचता है। बारसात में बिजली उत्पादन करना भी बड़ी चुनौती बन रहा है।
अधिकारियों के सामने सिंगाजी ताप परियोजना में एनसीएल (सिंगरौली), एसईसीएल (कोरबा), डब्ल्यूसीएल (नागपुर) की खदानों से रेलवे के माध्यम से यहां पर आता है। बारसात में खदानों में पानी होने के चलते कोयला भी गीला आता है, जिसको रेलवे के समय में खाली करवाने में भी पूरा जोर लगाना पड़ता है, फिर भी डैमेज कोयला सिंगाजी परियोजना के चारों इकाइयों तक आने के चलते रहा है। चारों इकाइयाँ अगर फुल लोड पर उत्पादन करती हैं तो एक दिन में 8 रैक कोयला नुकसान पहुंचा देता है। एक रैक में 8 हजार से ज्यादा कोयला रैक की खपत इन महीनों में इतना ज्यादा होती है।
कोयला – वर्तमान में स्थिति के हिसाब से परियोजना में तीनों खदानों की मांग के अनुसार कोयला रैक आ रहे हैं। जानकारी के हिसाब से मई महीने में यहां पर 190 के लगभग, जून में 220 के लगभग, जुलाई में अब तक 180 के लगभग कोयला रैक आ चुके हैं। एक कोयला रैक में 3600 से 4000 मीट्रिक टन कोयला आता है।
इकाई-तीन से बिजली उत्पादन बंद
सिंगाजी ताप परियोजना की सुपर क्रिटिकल इकाई क्रमांक 3 के एयर हीटर में प्रॉब्लम आने के बाद बंद कर दिया गया है, जिसके चलते इकाई नंबर 3 होने वाला बिजली उत्पादन बंद हो चुका है। जानकारी के अनुसार विभाग से जुड़े अधिकारी टीम के साथ एयर हीटर की प्रॉब्लम को ठीक करने में लगे हुए हैं। चार से पांच दिनों में सुपर क्रिटिकल इकाई 3 से बिजली उत्पादन फिर चालू होने की संभावना जताई जा रही है।
तीनों यूनिट से 24 घंटे में 1800 मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन किया जा रहा है
इनका कहना
“सिंगाजी परियोजना में 1 लाख 15 हजार मीट्रिक टन चार दिन का कोयला स्टॉक है, रैक आ रहे हैं। इकाई तीन एयर हीटर में प्रॉब्लम आने के कारण बंद हुई है, सुधार कार्य करके चालू किया जाएगा।”
– आर.के. साहू, मुख्य अभियंता, सिंगाजी ताप परियोजना
