इंदौर: सुबह शहर की सड़कों पर हेलमेट पहने 150 से अधिक बाइकर्स का काफिला निकला तो राहगीरों की नजरें उसी पर टिक गईं. पलासिया से शुरू हुई यह बाइक रैली सिर्फ राइडिंग का जुनून नहीं, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देने की मुहिम थी. मध्य प्रदेश पुलिस के नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के तहत निकली इस रैली ने शहर के प्रमुख मार्गों पर लोगों को जागरूक किया.
नारकोटिक्स विंग कार्यालय से शुरू हुई रैली को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्टेला सुलिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. रैली में शामिल सभी बाइकर्स और अधिकारियों ने नशामुक्त इंदौर, नशामुक्त मध्य प्रदेश और नशामुक्त भारत का संकल्प लिया. बाइकर्स का काफिला गीता भवन चौराहा, आरएनटी मार्ग, रीगल, राजवाड़ा और टीआई मॉल होते हुए वापस नारकोटिक्स विंग कार्यालय पहुंचा. पूरे रास्ते बाइकर्स नशे से दूरी है जरूरी और से नो टू ड्रग्स, यस टू लाइफ जैसे संदेश लेकर चले. कई स्थानों पर लोगों ने रैली का स्वागत किया और मोबाइल से वीडियो बनाकर इस अभियान का समर्थन भी किया.
रैली में शहर के विभिन्न राइडिंग क्लबों के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए. आयोजन के दौरान प्रतिभागियों को प्रशंसा-पत्र, टी-शर्ट, कैप, बैज और अन्य सामग्री वितरित की गई. साथ ही पुश-अप्स प्रतियोगिता आयोजित कर बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और समाज की सहभागिता से नशे के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करना है. इस आयोजन में पुलिस, बाइकर्स और स्वयंसेवकों सहित करीब 340 लोगों ने प्रत्यक्ष रूप से भागीदारी निभाई, जबकि शहरभर में हजारों लोगों तक इसका संदेश पहुंचा.
पूरे समाज की जिम्मेदारी है
नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है. युवाओं की भागीदारी इस अभियान को और प्रभावी बनाएगी.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नारकोटिक्स विंग, स्टेला सुलिया
जनसहभागिता के बिना नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई संभव नहीं है. ऐसे अभियान युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदारी का एहसास भी कराते हैं.
उप पुलिस अधीक्षक, नारकोटिक्स विंग, संतोष हाड़ा
