नई दिल्ली, अंतरराष्ट्रीय बाजार से देश के आम नागरिकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आ रही है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 5% से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे इसका भाव लुढ़ककर 92 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गया है।
मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने से कीमतों में आई गिरावट
कच्चे तेल के दामों में आई इस अचानक बड़ी गिरावट की मुख्य वजह मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव का कम होना है। अमेरिका और ईरान के बीच कतर व ओमान की मध्यस्थता में शांति वार्ता शुरू होने से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को लेकर बना डर काफी हद तक कम हो गया है।
क्या भारत में सस्ते होंगे पेट्रोल और डीजल?
ब्रेंट क्रूड के 92 डॉलर और WTI क्रूड के 84.40 डॉलर प्रति बैरल पर आने के बाद भारत में ईंधन के दाम घटने की उम्मीद बढ़ गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कीमतें इसी स्तर पर टिकी रहीं, तो तेल कंपनियां जल्द ही खुदरा कीमतों में कटौती कर सकती हैं।

