इंदौर:नगर निगम भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा कॉलोनी सेल में आश्रय निधि जमा करने के नोटिस दिए गए थे. नोटिस मिलने के बाद कई बिल्डर कॉलोनी सेल विभाग में आश्रय निधि जमा करने पहुंचे. नगर निगम को इस वित्तीय वर्ष में डेढ़ सौ करोड़ रुपए राजस्व मिलने की उम्मीद है.
पिछले दिनों नगर निगम भवन अनुज्ञा शाखा ने शहर में निर्माणाधीन तीन सौ से ज्यादा बहुमंजिला इमारतों को कॉलोनी सेल में आश्रय निधि जमा करा कर एनओसी एवं अनुमति लेने के नोटिस जारी किए थे. इसमें से निगम भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा लगभग 270 इमारतों को कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी होना बाकी है. उक्त सभी इमारतों के प्रमाण पत्र आश्रय निधि जमा करने तक रोक लगा दी गई है. राज्य शासन ने जनवरी 2022 के बाद शहर में निर्मित या निर्माणाधीन बहु मंजिला इमारतों को नगर निगम कॉलोनी सेल में वर्तमान गाइड लाइन का 6 प्रतिशत से आश्रय निधि जमा करना अनिवार्य कर दिया है. कॉलोनी सेल विभाग सूत्रों के अनुसार निगम द्वारा जारी आश्रय निधि के नोटिस के बाद बड़ी संख्या में बिल्डर आवेदन लेकर निगम पहुंचे है.
तीन सौ करोड़ से ज्यादा राजस्व मिलने का अनुमान
बताया जा रहा है कि बिल्डरों ने आश्रय निधि जमा करने की सहमति भी दे दी है. बिल्डरों द्वारा बड़ी संख्या में आवेदन देने के पीछे निगम भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा जारी होने वाला भवन पूर्णता प्रमाण पत्र हैं, जिसके बिना बिल्डर फ्लैट या दुकानें नहीं बेच सकते है. एक अनुमान के अनुसार नगर निगम कॉलोनी सेल विभाग को आश्रय निधि से इस साल डेढ़ सौ करोड़ रुपए की राजस्व आय होने की उम्मीद है. सभी बहु मंजिला इमारतों से 3 सौ करोड़ से ज्यादा राजस्व मिलने का उम्मीद है.
राज्य शासन द्वारा जारी नया नियम
राज्य शासन ने नगर पालिका अधिनियम 1956 के तहत कॉलोनी विकास नियम 2021 के प्रचलित नियमों के तहत भूमि/ भूखंडों पर विकास अनुमति / एनओसी के लिए कॉलोनी सेल विभाग को आश्रय निधि वसूलने का अधिकार दिया है. भवन अनुज्ञा शाखा ने निगम सीमा में जनवरी 2022 के बाद स्वीकृत नक्शों के आधार पर सभी बहुमंजिला इमारतों को नोटिस जारी कर कॉलोनी सेल की आश्रय निधि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं. मामला राजस्व आय से जुड़ा होने के कारण निगम ने हाईकोर्ट में केविएट भी लगा दी है
