
दमोह। सुप्रसिद्ध क्षेत्र बड़े बाबा की नगरी, आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की साधना स्थली कुण्डलपुर में ऐतिहासिक एवं भव्य मंगल प्रवेश युग श्रेष्ठ संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य एवं अध्यात्म विद्या शिरोमणि प.पू. आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के अज्ञानुवर्ति निर्यापक श्रमण प.पू.मुनि श्री 108 समता सागर जी महाराज ससंघ की हुई भव्य मंगल अगवानी।
*अगवानी शोभायात्रा के प्रमुख आकर्षण रहे*
धर्मनगरी कुण्डलपुर ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनी जब कुण्डलपुर में पूर्व से विराजित पूज्य ऐलक श्री चैत्यसागर जी महाराज ससंघ (6 पिच्छी)एवं पूज्य आर्यिकारत्न श्री सौम्यनंदिनी माताजी, सुयोग्यनंदिनी माताजी ने पूज्य निर्यापक मुनि संघ की मंगल अगवानी की। भव्य मंच पर मंगल मिलन का दृश्य अविस्मरणीय था। प्रचारमंत्री जयकुमार जैन ‘जलज’ ने बताया कि मंगल कलश लिए हुए महिलाएं जगह-जगह शोभा यात्रा में पूज्य मुनिश्री के पाद प्रक्षालन, मंगल आरती की गई रंगोली, तोरण द्वार ध्वज पताका, धार्मिक पोस्टरों पूरा क्षेत्र सुशोभित बड़े बाबा छोटे बाबा के जय जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजायमान होता।
मंगल आगवानी शोभायात्रा में मुड़िया बैंड की मधुर धुनें, महारानी लक्ष्मीबाई की वेशभूषा में सुसज्जित 8 अश्वारोही वीरांगनाएँ, 14 बग्गियों पर सुशोभित धर्मध्वज एवं जैन संस्कृति की झलक बिखेरती प्रतीकात्मक झांकियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
इसके साथ ही परसोरिया,देवरी अखाड़ा, बरेदी दल, ढिमरयाई, रमतूला दल, ग्वाल टीम पटेरा, दल-दल अश्व, गोरझामर दिव्यघोष, शांतिधाम बीनाबारा के सैकड़ो गुरु भक्त विभिन्न आकर्षक प्रस्तुति देते हुए ध्वज पताकाओ सहित अनेक पारंपरिक एवं सांस्कृतिक दल अपनी मनोहारी प्रस्तुतियों से शोभायात्रा की गरिमा बढ़ा रहे थे। विभिन्न स्थानों से आए बैंड एवं सांस्कृतिक दल इस भव्य आयोजन को और अधिक आकर्षक बनाते अपनी प्रस्तुति देते दिखाई दिए।
शोभायात्रा में दमोह नगर सहित हटा, पटेरा, कुण्डलपुर, बांदकपुर, बनवार, अभाना, नोहटा, जबेरा, सिंग्रामपुर, तेजगढ़, तेंदूखेड़ा, तारादेही, पथरिया, बांसा सहित अनेक नगरों एवं मंदिरों के महिला मंडल पारंपरिक वेशभूषा में धर्मध्वज, मंगल कलश एवं भक्तिभाव के साथ सहभागी करते चल रहे थे। दमोह नगर के विभिन्न मंदिरों एवं क्षेत्रों के महिला मंडलों की विशाल सहभागिता इस आयोजन को अभूतपूर्व स्वरूप प्रदान कर रही दृष्टिगोचर हो रही थी।
*इनकी रहेगी उपस्थिति*
शोभायात्रा में कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी के देवेंद्र सेठ, डॉ. रमेश बजाज,इजी. आरके जैन, अशोक सराफ, संतोष सिंघई पूर्व अध्यक्ष,नेमकुमार सराफ, पदमचंद खली, संजय कुबेर, यूसी जैन, के सीजैन, राजेंद्र भेड़ा, अमित त्यागी, नरेंद्र बजाज, विपुल एड.संजय जैन, दिलेश चौधरी, डीको सराफ,निर्मल सराफ,अमरसेठ आदि पदाधिकारी सदस्यगण बड़ी संख्या में, चातुर्मास समिति,मुनि सेवा समिति, ब्रह्मचारी भैया बहिन, दयोदय केंद्र गौशाला,पूर्णायु, हथकरघा के भैया, कुण्डलपुर स्टाफ, एवं देश के विभिन्न अंचलों उज्जैन, विदिशा ,जबलपुर, भोपाल ,कटनी ,सतना, सागर, ग्वालियर, नीमच, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा ,आगरा, खंडवा ,रतलाम , बाराबंकी, बहराइच, टिकैतनगर उ.प्र. राजस्थान,देश के कोने-कोने सेआए हुए भक्तगण, दमोह जिला जैन समाज सहित बुंदेलखंड जैन समाज की गरिमामयी उपस्थिति रही। हजारों श्रद्धालुओं के सहभाग से यह मंगल आगवानी धार्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित हुई। प्रातः भक्तामर विधान, पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक, शांतिधारा, रिद्धि कलश, पूजन, विधान हुआ। प्रथम अभिषेक शांतिधारा, रिद्धि कलश आदि करने का सौभाग्य अंकुर आशु सुबोध जैन बड़ौत हरिश्चंद्र दिवाकर अतिशय जैन ग्वालियर,सुमित अंकित जैन बहराइच, पदम्चंद्र राकेश जैन केकड़ी, देवेंद्र रविंद्र जैन बाराबंकी, जयकुमार मयंक सोगानी भीलवाड़ा, विद्याराम सनी जैन आगरा, सिंघवी तरवर लाल बांसवाड़ा ,नरेंद्र जैन आगरा, अभिषेक जैन दमोह, दीर्घ पीयूष जैन खंडवा आदि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक का सौभाग्य प्राप्त किया।
