रायपुर, 18 अगस्त (वार्ता) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है तथा विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर देकर राष्ट्र निर्माण से व्यापक रूप से जोड़ना होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित ‘मेरा युवा भारत’ (माय भारत) की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि युवाओं को सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों से जोड़ने से उनमें नेतृत्व क्षमता, सेवा भाव, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होगी।
उन्होंने माय भारत की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को इस मंच से जोड़ने और विभिन्न विभागों की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के प्रत्येक युवा को विकास की मुख्यधारा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के उद्देश्य से ‘मेरा युवा भारत’ जैसे व्यापक मंच की शुरुआत की गई है।
श्री साय ने कहा कि आज का युवा तकनीक और डिजिटल माध्यमों से पूरी दुनिया से जुड़ा हुआ है। उसमें नवाचार की क्षमता है और वह तेजी से बदलाव को आत्मसात कर सकता है। युवाओं की इस ऊर्जा का सकारात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में उपयोग करने के लिए उन्हें सही दिशा, अवसर और मंच उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक जागरूकता, इतिहास, पर्यटन, कौशल विकास, कृषि, तकनीकी शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने ‘सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़’ की अवधारणा के अनुरूप ग्राम से राज्य स्तर तक मजबूत युवा नेटवर्क तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2023 को ‘मेरा युवा भारत’ की शुरुआत की थी। वर्तमान में देशभर में 2.65 करोड़ से अधिक युवा इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में पंजीकृत युवाओं की संख्या 6.60 लाख से अधिक है।
माय भारत को युवाओं और सरकार के बीच सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से युवाओं को स्वयंसेवा, अनुभव आधारित शिक्षण, कौशल विकास, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों एवं अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
बैठक में बताया गया कि देशभर में 24 हजार 900 से अधिक एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम (ईएलपी) के माध्यम से 1.21 लाख युवाओं को शासन की विभिन्न गतिविधियों से जुड़कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला है। छत्तीसगढ़ में 233 ईएलपी से दो हजार 389 से अधिक युवा जुड़े हैं।
इसी तरह देशभर में 1.53 लाख से अधिक स्वयंसेवा अवसरों के जरिए 10 लाख से अधिक युवाओं को सेवा गतिविधियों से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ में पांच हजार 778 वालंटियर अवसरों के माध्यम से 23 हजार 900 से अधिक युवाओं ने विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी की है।
मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ को युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए छत्तीसगढ़ में ‘विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग’ के आयोजन पर जोर दिया। बैठक में खेल, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बढ़ाने पर चर्चा हुई।
श्री साय ने विशेष रूप से बस्तर के युवाओं को माय भारत की गतिविधियों से व्यापक स्तर पर जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर हिंसा और भय के दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में वहां के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़कर उनकी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता को नए अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने बड़ी संख्या में युवाओं को खेल, कला और संस्कृति में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच दिया है। इसी तरह माय भारत के माध्यम से भी बस्तर के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने और नेतृत्व के अवसर दिए जाने चाहिए।
बैठक के दौरान माय भारत की वालंटियर अदिति द्वारा तैयार ट्राइबल आर्ट का छायाचित्र मुख्यमंत्री को भेंट किया गया।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक तनुजा सलाम, माय भारत की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला और मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारी मौजूद थे।
