उज्जैन.:महाकाल की नगरी में स्थाई कुंभ नगरी बसाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार 5000 करोड रुपए का खर्च कर विकास कार्य करेगी. इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह को ही सिंहस्थ की कमान दी गई है, ऐसे में 2378 हेक्टेयर जमीन पर कुंभ नगरी स्थापित करने के लिए विकास प्राधिकरण जो योजना बना रहा है, उन्होंने सरकार की तरफ से अपनी बात रखी। लेंड पुलिंग पश्चात स्कूल, अस्पताल आश्रम से लेकर अन्य प्रकल्प बनाए जाएंगे.
कुल 1806 किसानों की जमीन ले रही सरकार
आशीष सिंह ने बताया कि उज्जैन में 1806 किसानों की जमीन लैंड पुलिंग के तहत हाईटेक कुम्भ सिटी बनाने के लिए ली जा रही है. मध्य प्रदेश सरकार ने साधु संतों से लेकर आगन्तुक 30 करोड़ अतिथियों के लिए यह प्लान बनाया है.
स्थाई कुंभ नगरी पर एक नजर
मेला अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि कुंभ नगरी जब स्थाई तौर पर बन जाएगी तो वहां पर परमानेंट स्ट्रक्चर निर्मित हो जाएगा. साधु संतों से लेकर आगंतुक अतिथियों, श्रद्धालुओं किसी को भी दिक्कत नहीं होगी. हाईटेक सुविधा मिलेगी, अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम रहेगा, लंबे चौड़े रोड मिलेंगे, सड़कें आपस में इंटरकनेक्ट होंगी. जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए जाएंगे. मंदिर आश्रम धार्मिक प्रकल्प बनेंगे यातायात सुगम होगा.
किसानों को होगा दोहरा फायदा
किसान अपनी भूमि किसी को भी बाद में बेच सकते हैं. 50 % जमीन जो उनके पास रहेगी, उस पर निर्माण की अनुमति भी उन्हें दी जाएगी. गाइडलाइन के अनुसार 50% तक का मुआवजा भी हम दे रहे हैं.
