रीवा: रीवा संभाग के सभी जिलों को उदयोग के क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा. इसके लिए सभी उद्योगपति एवं निवेशकों को एक सकारात्मक माहौल प्रदान करते हुए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा. उद्योगपतियों की समस्याओं एवं कठिनाइयों का भी निराकरण प्राथमिकता से किया जाएगा. उद्योगों की स्थापना से लोगों के जीवन स्तर में व्यापक रूप से सुधार होगा और स्थानीय युवा जो रोजगार के लिए अन्यत्र पलायन करते हैं उनका पलायन भी रुक जाएगा और उन्हें स्थानीय उद्योगों में ही रोजगार की प्राप्ति होगी. उक्त बात रीवा संभाग कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने शुक्रवार को एमपीआईडीसी (औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग) की बैठक में कही.
कमिश्नर ने रीवा संभाग के सभी जिलों से आए उद्योगपतियों एवं निवेशकों से वन टू वन चर्चा की एवं उनकी समस्याओं एवं कठिनाइयों को जाना. कमिश्नर ने कहा कि निवेशकों एवं उद्योगपतियों की बिजली, पानी, भूमि एवं अन्य समस्याओं का सकारात्मक निराकरण किया जाएगा. कमिश्नर ने सभी निवेशकों से आग्रह किया कि वह सभी बताएं कि उन्हें अपने उद्योग में किस प्रकार के स्किल की आवश्यकता है. उसी स्किल के अनुसार स्थानीय युवाओं को आईटीआई में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि स्थानीय स्तर पर ही रोजगार का सृजन किया जा सके.
कमिश्नर ने सभी निवेशकों को भरोसा दिलाया कि सभी निवेशकों को संबंधित विभाग से पूरा सहयोग या विभिन्न अनुमतियां भी समय सीमा में दिलाई जाएगी. कमिश्नर ने कहा कि जिला प्रशासन निवेशकों की मदद के लिए हमेशा तत्पर है. सभी निवेशकों को एक सकारात्मक वातावरण दिया जाएगा. कमिश्नर ने कहा कि सभी उद्योगपति एवं निवेशकों की रीवा संभाग में जरूरत है. सभी निवेशक प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं. रीवा संभाग में भी औद्योगिक विकास के लिए अपार संभावना है. अत: निवेशक अपने औद्योगिक क्षेत्र का और अधिक विस्तार कर स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन करें.
