
दमोह। देश में एक जिला मध्य प्रदेश से निकले जो जीरो फैटालिटी डिस्ट्रिक्ट में आ जाए। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सड़क पर उतरे, इतना भर करने से ही यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित होने लगेगा। नियमों के पालन कराने के लिए कोई कलेक्टर, एसपी या चेयरमैन या न्यायाधीश की आवश्यकता नहीं है। इस आशय की बात उच्चतम न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति केअध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष दमोह में आयोजित सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान व्यक्त किए।
इस अवसर पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव, पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि, सिविल जज वरिष्ठ खंड/सचिव जिला सेवा प्राधिकरण उषाकांता कृषाण, सीईओ जिला पंचायत प्रवीण
फुलपगारे, अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी सहित समिति के सदस्यगण मौजूद रहे। न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने जिले में हुई दुर्घटनाओं का तुलनातम्क अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने कहा हम रिजल्ट चाहते हैं, काम आप सबको करना हैं। एक आदमी की मृत्यु उसके घर में देखे कितनी दिक्कत होती हैं, मृत्यु से ज्यादा परेशानी एक्सीडेंट से होती हैं, जब व्यक्ति सीवियर होने के बाद विषम परिस्थितियों में जिंदा रहता हैं, परिवार कितनी परेशानी उठाता हैं। हमें दूसरो की जान बचाना हैं, यह हमारा कर्त्तव्य हैं, हमें जान बचाने के लिए जागना होगा, 06 माह बाद फिर आकर आप सबने क्या किया उसका रिब्यू किया जायेगा। उन्होंने कहा सड़क सुरक्षा की हर महीने मीटिंग लेते हैं, उसे हर हफ्ते या पर-डे भी शाम को कुछ समय तय कर लेंगे तो मुझे लगता है कि काफी उसका फायदा होगा।
न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने बैठक में कहा हेलमेट के लिए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक आपके जितने भी सरकारी विभाग हैं, वहाँ इम्प्लीमेंट करें कि हेलमेट पहन के आना होगा। आपका जितना स्टाफ है, वह बिना हेलमेट के दफ्तर नहीं आएगा। जो आएगा, उसको आपको हाज़िरी देनी नहीं है। कंपल्सरी हेलमेट कर दिया जायें। जिले में जो NGOs काम कर रहे हैं, यहाँ कंपनियाँ उनके CSR फ़ंड से हेलमेट वितरण जन-जागरूकता के लिए किया जायें। उन्होंने कहा प्रत्येक गाड़ियों में high-security प्लेट, इंश्योरेंस, ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। जो भी महाविद्यालाय या स्कूल्स में हेलमेट का अनिवार्य किया जाये।
उन्होंने कहा हमें प्रयत्न करना चाहिए, उसके लिए कलेक्टर बनने की आवश्यकता नहीं है। इसको एक अपनी ऑर्डिनरी ड्यूटी जैसा मत लीजिए। एक परिवार का हिस्सा बनिये सड़क हादसे का शिकार बन रहे हैं उस हिसाब से जाँच कीजिए, दुर्घटनाए क्या कारण से हो रहे हैं, उसको यदि ध्यान दिया जायें, यदि कोई सुधार हो तो तत्काल किया जाए। अपन बचाने की कोशिश कर सकते हैं यदि अपन ने उसको इफ़ेक्टिवली एनफ़ोर्समेंट के साथ किया तो कुछ हद तक हम दुर्घटनाए रोक सकते हैं।
उन्होंने कहा मैंने फ़िगर देखे हैं, 6 महीने बाद फ़िगर मैं खुद बुलाऊँगा कि दिसंबर तक आप लोगों ने क्या किया, मेरी मीटिंग का कोई इफ़ेक्ट हुआ या नहीं हुआ।
सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी उसका नाम भी सुप्रीम कोर्ट कमेटी ही रखा, क्यों? क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ही इसको अभी भी हर हफ्ते, हर 15 दिन, 1 महीने मेरे थ्रू इसको मॉनिटर करता है कि देश में क्या हो रहा है।
उन्होंने कहा विदेशों में वियतनाम, थाईलैंड, चाइना में हर व्यक्ति वहाँ हेलमेट पहन के गाड़ी चलाता है। हर रूल फॉलो कर रहा, हर व्यक्ति रूल फॉलो करता है। अब वह यदि कर रहे है, यदि लोग फॉलो करने लगे तो फिर सरकार को कुछ करने की जरूरत ही नहीं है। 758 जिले हैं, अभी तक मुझे एक भी ऐसा जिला नहीं मिला जो यह चैलेंज एक्सेप्ट कर सके कि zero fatality district में हमारा जिला काम करेगा।
उन्होंने कहा हम लोगों ने यह दायित्व दिया है, आप जितने लोग बैठे हैं, उनको यह दायित्व जो ड्यूटी दी है वह तो करें ही करें, उसके अलावा सबको रिक्वेस्ट करें, सबको बताएं, जागरूक करें कि यह करना चाहिए, वह करना चाहिए, तब जाकर काम होगा।
उन्होंने कहा कोशिश यह चल रही है पूरे देश में हर रोड के ऊपर सीसीटीव्ही कैमरे लगा रहे है। यह पूरी तरह ईलेक्ट्रानिकली होगा, ई-चालानिंग होगी, ई-कोर्ट होगा, वसूली होगी, सब होगा। उन्होंने कहा हेलमेट पहनने से मृत्यु दर कम हो सकती हैं, दोनो सवार पहनें तो डेथ में कमी आयेगी। दुर्घटना में मरने वालो की संख्या जिले में ज्यादा हैं, जागरूकता कैंपेन चलाये।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा सड़को से हटाकर गौवंश गौशालाओं में भेजे जा रहे हैं। साथ ही टीम की ओर से अध्यक्ष जी को आश्वस्त करता हूँ कि जो आपने निर्देश दिए हैं, हमें मार्गदर्शन दिया है, इसको फील्ड पे पूरा उतारेंगे और लगातार प्रयास करेंगे कि ज़ीरो जैसी स्थिति आपने बताई कि ज़ीरो की स्थिति लाना है, ज़ीरो न ला सकें तो कम से कम करने का प्रयास करेंगे। जो हेलमेट, रोड के डिज़ाइन में भी कई जगह प्रॉब्लम है, जो नए रोड बन रहे हैं हमने एजेंसी को भी निर्देशित किया है कि डिज़ाइन ऐसी बनाएँ कि उसमें इतना कर्व न हो कि विज़िबिलिटी खत्म हो जाए।
क्या उपाय किए गए
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने बताया साईन बोर्ड लगाये गए, जागरूकता कैम्पेन चलाये जा रहे है। जिले में 14 ब्लेक स्पॉट चिहिंत किए गये जिनमें शार्ट टर्म कार्य किये गए, भोपाल की मैनिट की टीम ने निरीक्षण कर रिपोर्ट दी हैं, उस पर काम किया जा रहा हैं। चालान किए जा रहे है। ड्रिंक एण्ड ड्राइव, ओवर स्पीड पर कार्यवाही लगातार की जा रही है।
यातायात टीआई दलबीर सिंह मार्कों ने ब्लेक स्पॉट पर सुधार और कितने एक्सीडेंट सहित जिले में की जा रही कार्यवाहियों, दुर्घटनाओं की विस्तार से पॉवर पाइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से जानकारी दी गई।
