नयी दिल्ली, 22 जुलाई (वार्ता) राजधानी दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर कड़े सुरक्षा प्रबंधों के चलते दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के कई स्टेशनों के गेट बंद कर देने से बुधवार को हजारों कामकाजी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हांलाकि शाम साढ़े छह बजे सभी स्टेशनों को खोल दिया गया था।
डीएमआरसी के अनुसार, दिन में सेवा तीर्थ, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम जैसे 16 प्रमुख स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद कर दिया गया था। हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय में ट्रेन बदलने की सुविधा उपलब्ध रही।
यह घोषणा ऐसे समय में हुई जब 20 जुलाई को सीजेपी के “संसद चलो” मार्च के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी बुधवार को भी जंतर-मंतर पर डटे रहे।
डीएमआरसी ने सोशल मीडिया पर बताया कि प्रभावित स्टेशनों के गेट शाम करीब 6.30 बजे फिर से खोल दिए गए। बाराखंभा रोड के पास एक निजी कंपनी के कर्मचारी ने कहा, “मैं पहले ही देर से चल रहा था और स्टेशन में प्रवेश नहीं कर सका। मैंने ट्रेन पकड़ने के लिए किसी दूसरे मेट्रो स्टेशन तक पैदल जाने पर भी विचार किया।”
महिला यात्रियों के एक समूह ने भी अचानक हुई इस बंदी के कारण हुई असुविधा पर नाराजगी व्यक्त की। दक्षिण दिल्ली से कनॉट प्लेस की यात्रा करने वाले एक अन्य यात्री निखिल ने बताया कि इस व्यवधान ने उनके दैनिक आवागमन को बेहद कठिन बना दिया। उन्होंने कहा, “मुझे कई मेट्रो लाइनें बदलनी पड़ीं, अपने कार्यालय से काफी दूर एक स्टेशन पर उतरना पड़ा और फिर ऑटो-रिक्शा लेना पड़ा। उसके बाद भी मैं ट्रैफिक में फंस गया।”
सोमवार की हिंसा के बाद पूरे राजधानी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। उस हिंसा के दौरान कई प्रदर्शनकारी व पुलिसकर्मी घायल हुए थे और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। लगभग 15 से 20 सरकारी वाहनों के अलावा अन्य सार्वजनिक संपत्तियों में तोड़फोड़ की गई थी। इसके बाद से पुलिस ने संसद, सेंट्रल विस्टा और अन्य उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
