इटारसी। पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव कम करने हमारे देश की सांस्कृतिक विरासत एवं धार्मिक विरासत को समझो ने उसे बचाए रखना के लिए संतति आवश्यक है बिना संत एवं संतों की वाणी के इस देश की संस्कृति और परिवार नहीं बच सकते साथ ही संत आचरण ही परिवार और संस्कृति को बनाए और बचाए रखते हैं। उक्त उद्गार धार्मिक नगरी इटारसी में जोधपुर राजस्थान से आए अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पूज्य राधा कृष्ण महाराज ने संगीतमय नानी बाई रो मायरो तीन दिवसीय कथा के विश्राम दिवस पर व्यक्त किए।
व्यास पीठ से संबोधित करते हुए महाराज श्री ने कहा कि आज के संसार में किसी को अच्छा कहने में लोग काफी वक्त लगाते हैं, लेकिन उसे बुरा तुरंत कह देते हैं। पहले 8-10 बच्चों का लालन-पालन आराम से हो जाया करता था अब तो एक और दो पर बात पहुंची है, माता बहनों को इस तरफ सोचना चाहिए। महाराज श्री ने बढ़ते औद्योगीकरण के विषय में कहा कि अनावश्यक रूप से इमारतों का विस्तार नहीं करना चाहिए। जितना आवश्यक हो उतना ही निर्माण कार्य करना चाहिए शीश स्थान पर पेड़ पौधे लगाना चाहिए जिससे पर्यावरण सुरक्षित रह सके।
