
नई दिल्ली। कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और जवाबदेही को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित चौथे राष्ट्रीय POSH (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम) कॉन्क्लेव एवं एक्सीलेंस अवॉर्ड्स में केंद्र सरकार, न्यायपालिका, पुलिस, उद्योग जगत और मानव संसाधन विशेषज्ञों ने सुरक्षित कार्यस्थल की संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया।
सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग और नोमीन्सनो फाउंडेशन के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर रही। इसके तहत दिल्ली में POSH जागरूकता, प्रशिक्षण और संस्थागत सहयोग को मजबूत किया जाएगा। साथ ही 181 महिला हेल्पलाइन के माध्यम से कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने वीडियो संदेश में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने SHE-Box पोर्टल को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए महत्वपूर्ण डिजिटल मंच बताया।
दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव डॉ. रश्मि सिंह ने कहा कि केवल कानूनी अनुपालन पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार, नियोक्ताओं और नागरिक समाज के संयुक्त प्रयासों से ही कार्यस्थलों पर सम्मानजनक वातावरण बनाया जा सकता है।
कॉन्क्लेव में नेतृत्व की जवाबदेही, शिकायत दर्ज कराने की संस्कृति, निष्पक्ष जांच प्रक्रिया, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल साक्ष्य और डेटा संरक्षण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। कार्यक्रम के समापन पर दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने कार्यस्थल की गरिमा और निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया को मजबूत करने पर बल दिया। इस अवसर पर देशभर के उत्कृष्ट संस्थानों और पेशेवरों को नेशनल POSH एक्सीलेंस अवॉर्ड्स से सम्मानित भी किया गया।
