
सिंगरौली। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों और आवेदनों के निराकरण को लेकर जारी विभागवार आंकड़ों ने कई विभागों की कार्यप्रणाली की तस्वीर सामने रख दी है। लोसेके सिंगरौली के संचालन 2012 से लेकर अब तक कुल प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 27,03,464 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 25,00,184 मामलों में सेवा उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि 2,03,303 आवेदन समय-सीमा के भीतर लंबित हैं।
आंकड़ों के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग को सबसे अधिक 15,43,127 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 14,99,207 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 43,920 आवेदन लंबित हैं। वहीं राजस्व विभाग की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक दिखाई दी। विभाग को 9,11,690 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 7,58,953 मामलों का निराकरण हुआ ह, जबकि 1,52,737 आवेदन अब भी लंबित हैं। यह सभी विभागों में सबसे अधिक लंबित प्रकरण हैं। सीएम हेल्पलाइन को लेकर हालांकि कलेक्टर गंभीर हैं, लेकिन कुछ विभागों के मैदानी अधिकारी ज्यादा दिलचस्पी नही ले रहे हैं। शिकायतों को बंद कराने के लिए विभाग के अधिकारी ही तरह-तरह के हत्थकंडे अपनाते हैं, यह बात किसी से भी छूपी नही है। फिलहाल सीएम हेल्पलाइन के समय-सीमा में लंबित प्रकरणों की संख्या करीब 2.50 लाख बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।
सीएम हेल्पलाइन में कई विभागों की प्रगति अब्बल
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में 4,214 में से 4,165, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग में 2,464 में से 2,309, ऊर्जा विभाग में 485 में से 445, वन विभाग में 40 में से 38, गृह विभाग में 915 में से 875 तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में 60 में से 59 मामलों का निराकरण किया गया। दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग के सभी 14, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के 17, स्कूल शिक्षा विभाग के 33, चिकित्सा शिक्षा के 8, महिला एवं बाल विकास के 20, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के 1 तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के 26 आवेदन अभी लंबित हैं। विभागवार आंकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं कि अधिकांश विभागों ने शिकायतों के निराकरण में बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन राजस्व विभाग में लंबित प्रकरणों की अत्यधिक संख्या प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
सांख्यिकी विभाग के ढाई हजार आवेदन लंबित
अन्य विभागों की बात करें तो श्रम विभाग में 59,690 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 58,680 का निराकरण तथा 1,010 लंबित हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में 45,928 आवेदन मिले, जिनमें 45,066 का निराकरण हुआ और 862 लंबित हैं। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में 46,925 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 44,387 का निपटारा हुआ, जबकि 2,538 आवेदन लंबित हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में 40,291 में से 39,699 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा 592 लंबित हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में 39,017 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 38,356 का निराकरण और 661 लंबित हैं।
