
सीधी। जिले में थर्मामीटर पारा के 8 डिग्री सेल्सियस के नीचे लुढक़ने के साथ ही शीतलहर ने भी अपनी दस्तक दे दी है। आज दिन की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। लोगों को उम्मीदें थी कि दोपहर तक सूर्यदेव के दर्शन होने से ठिठुरन भरी गलन से राहत मिलेगी। लेकिन सूर्यदेव के दर्शन दिन भर नहीं हुए और लोग ठिठुरन भरी गलन से परेशान दिखे।
गलन भरी ठंड से बचने के लिए जो घर में मौजूद थे वह या तो गर्म कपड़ों के सहारे ठंड का असर दूर करने का जतन करते रहे वहीं कुछ लोग अलाव के सहारे ठिठुरन दूर करनें का प्रयास करते रहे। ठिठुरन भरी गलन का कहर शुरू हो जाने से सबसे ज्यादा परेशान ऐसे लोग हो रहे हैं जो घर से कार्य के सिलसिले में सुबह ही निकलते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के हालत तो यह हैं कि सिंचाई के चलते वहां और भी ज्यादा ठंड और गलन बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में रात 10 बजे के बाद ही कोहरे का प्रकोप शुरू हो जाता है। जिसके चलते वाहनों की आवाजाही काफी प्रभावित हो रही है। भारी मालवाहकों के चालकों को काफी धीमी रफ्तार से चलना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरा एवं ठंड का ज्यादा असर है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों की सिंचाई का कार्य भी चलने के कारण यहां शाम ढ़लते ही भारी गलन शुरू हो जाती है। जिसका असर धूप निकलने तक रहता है। अब तो कोहरा का प्रकोप भी शुरू हो गया है। आज सूर्यदेव के दर्शन दिनभर नहीं होने से लोग शीतलहर से ठिठुरते नजर आए।
दरअसल एक सप्ताह तक ठंड का असर शहरी क्षेत्रों में कम था। ग्रामीण क्षेत्रों में शाम ढ़लने के बाद ठंडक ज्यादा बनी हुई थी। वहीं दिन में कड़ाके की धूप खिलने के कारण लोगों को ठंड नहीं मालूम पड़ रहा था। अब सीधी जिले में भी अचानक शीतलहर का प्रकोप और कोहरा शुरू हो जाने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। चर्चा के दौरान कुछ लोगों ने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो कि घर से बाहर काम के सिलसिले में रहते हैं। घर में रहने वाले लोगों को राहत है। सबसे ज्यादा दिक्कतें खुले आसमान के नीचे अपना व्यवसाय करनें वाले फुटपाथी कारोबारियों को हो रही है। चर्चा के दौरान कुछ फुटपाथी कारोबारियों ने कहा कि उनकी मजबूरी है इसी वजह से ठिठुरन भरी गलन में वह सुबह से लेकर देर शाम तक खुले आसमान के नीचे अपना व्यवसाय कर रहे हैं।
