भोपाल: विभिन्न मांगों को लेकर आशा और ऊषा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर अपनी समस्याओं से सरकार को अवगत कराया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लंबे समय से वे स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मांग की कि 1 अप्रैल 2026 से उनके मानदेय में प्रतिवर्ष एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की जाए तथा आशा-उषा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही सभी कार्यकर्ताओं को 21 हजार रुपये का फिक्स मानदेय निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि टुकड़ों में दी जाती है, जिससे कई बार अधिकारियों के स्तर पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार की स्थिति बन जाती है। उन्होंने मांग की कि पूरी राशि का हिसाब लगाकर एकमुश्त भुगतान किया जाए और सभी को समान राशि दी जाए।
प्रदेश मीडिया प्रभारी श्रीमती संगीता यादव ने बताया कि आशा-उषा कार्यकर्ताओं के अधिकांश कार्य ऑनलाइन हो चुके हैं, इसलिए उनके स्व-प्रमाणित वाउचर को मान्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार से मांग है कि आशा-उषा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और उनकी सभी मांगों को पूरा किया जाए।
