
बीड़ (खंडवा). श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के फेस-2 की 660 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट-3 एक बार फिर तकनीकी कारणों से शटडाउन पर चली गई है। सूत्रों के अनुसार ओबीसीडी बढऩे के बाद यूनिट को बंद किया गया है और इसके 8 से 10 दिनों तक बंद रहने की संभावना जताई जा रही है। इससे बिजली उत्पादन प्रभावित होने की चर्चा है। लगातार सामने आ रही तकनीकी समस्याओं ने परियोजना की रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों का दावा है कि फेस-2 के रखरखाव का कार्य संभाल रही मेल्को कंपनी में ईएसपी का विशेषज्ञ इंजीनियर तैनात नहीं है। यदि यह दावा सही है तो प्रदूषण नियंत्रण और महत्वपूर्ण तकनीकी प्रणालियों के रखरखाव को लेकर गंभीर चिंताएं स्वाभाविक हैं।
मामले में परियोजना के मुख्य अभियंता आर.के. साहू ने बताया कि एयर हीटर क्षेत्र में तकनीकी खराबी आने के कारण यूनिट को शटडाउन पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि आवश्यक मरम्मत का कार्य किया जा रहा है ताकि यूनिट को सुरक्षित रूप से दोबारा चालू किया जा सके। हालांकि, मेल्को कंपनी में ईएसपी विशेषज्ञ इंजीनियर नहीं होने संबंधी दावे पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। लगातार हो रहे शटडाउन से यह सवाल उठने लगे हैं कि यदि एयर हीटर में तकनीकी समस्या विकसित हो रही थी तो उसका समय रहते पता लगाकर सुधारात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
वहीं, लंबे समय तक यूनिट बंद रहने से उत्पादन पर पडऩे वाले असर और परियोजना की तकनीकी निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि यूनिट कब तक दोबारा शुरू होती है और बार-बार सामने आ रही तकनीकी खामियों के स्थायी समाधान के लिए प्रबंधन क्या कदम उठाता है।
