नमाज पर सहमति नहीं, 29 को फिर होगी सुनवाई

संजय वाजपेई

धार. भोजशाला कमाल मौला मस्जिद मामले में जुमे की नमाज के लिए वैकल्पिक स्थल को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने प्रशासन द्वारा तय किए गए स्थान पर आपत्ति जताते हुए भोजशाला के निकट व्यवस्था करने की मांग रखी, जबकि राज्य सरकार की ओर से वैकल्पिक स्थल को लेकर अपना पक्ष रखा. सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आवेदन पर अगली सुनवाई 29 जुलाई तय की है.

सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजैफा अहमदी ने न्यायालय के समक्ष कहा कि प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा स्थान भोजशाला के आसपास नहीं है और इससे पहले दो जुमे की नमाज प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा कि न्यायालय के पूर्व निर्देशों की भावना के अनुरूप भोजशाला के निकट वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए. वहीं, केंद्र और राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायालय को बताया कि प्रशासन और दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत चल रही है और आपसी सहमति से उपयुक्त स्थान तलाशने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने मामले की सुनवाई के लिए मंगलवार या बुधवार की तारीख देने का आग्रह किया. भोजशाला परिसर और शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा. वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थे. प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की.

दूरी को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद

सुनवाई के दौरान वैकल्पिक नमाज स्थल की दूरी को लेकर भी दोनों पक्षों ने अपनी अपनी बात रखी. मुस्लिम पक्ष ने कहा कि प्रशासन द्वारा सुझाया गया स्थान सड़क मार्ग से अधिक दूरी पर है. वहीं, सरकार की ओर से बताया गया कि प्रस्तावित स्थान करीब 900 मीटर की दूरी पर है. मुस्लिम पक्ष ने इसे हवाई दूरी बताते हुए सड़क मार्ग की दूरी अलग होने की बात कही.

बैठक में नहीं बनी सहमति

इधर, गुरुवार देर रात जिला प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच वैकल्पिक नमाज स्थल को लेकर करीब दो घंटे चर्चा हुई, लेकिन बैठक में कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी. प्रशासन की ओर से अन्य संभावित स्थानों के प्रस्ताव भी रखे, जिन पर मुस्लिम पक्ष ने आपत्तियां जताईं. मुस्लिम पक्ष का कहना है कि उसे भोजशाला के निकट स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जबकि प्रशासन द्वारा चिन्हित मालीवाड़ा स्थित चालीस पीर दरगाह क्षेत्र को लेकर सहमति नहीं बन सकी.

मालीवाड़ा में सुरक्षा इंतजाम, नहीं हुई नमाज

शुक्रवार को प्रशासन द्वारा निर्धारित मालीवाड़ा क्षेत्र में चालीस पीर दरगाह के पास जुमे की नमाज के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. हालांकि, मुस्लिम समाज की ओर से वहां नमाज अदा नहीं की. समाज के सदर अब्दुल समद ने कहा कि प्रशासन द्वारा तय स्थान को लेकर उनकी सहमति नहीं है और समाज के लोगों ने आसपास की मस्जिदों में नमाज अदा की.

हमारी मांग…

हमारी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की भावना के अनुरूप भोजशाला के निकट नमाज के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए. प्रशासन द्वारा सुझाए गए स्थान को लेकर हमारी आपत्ति है.

अब्दुल समद, सदर मुस्लिम समाज

प्रशासन ने जो वैकल्पिक व्यवस्था की है, वह कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित है. न्यायालय के निर्देशों और प्रशासनिक व्यवस्था का पालन होना चाहिए.

गोपाल शर्मा, हिंदू पक्ष प्रतिनिधि

Next Post

आजाद जयंती पर साहित्य उत्सव मे सात साहित्यकारों की कृतियों का हुआ विमोचन 

Fri Jul 24 , 2026
झाबुआ, अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर आजाद साहित्य परिषद झाबुआ द्वारा आयोजित साहित्य उत्सव मे झाबुआ अलीराजपुर जिले कै सात साहित्यकारों की कृतियों का ऐतिहासिक विमोचन किया गया वही साहित्यकारों को सम्मान पत्र स्मृति चिन्ह कै साथ मेडल व अंग वस्त्र पहना कर सम्मानित किया गया l   […]

You May Like