जबलपुर:प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत जबलपुर में 3.67 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति जब्त की है। यह जब्ती प्रियांक मेहता के खिलाफ एफ ई एम, 1999 के प्रावधानों के उल्लंघन के कारण की गई है।सूत्रों के मुताबिक जांच में पता चला कि प्रियंका मेहता ने अमेरिका में ईबी-5 वीजा प्रोग्राम में निवेश के लिए लिबरलाइज़्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत 5,48,000 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा भेजी थी, लेकिन 5,02,954 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल उस मकसद के लिए नहीं किया गया।
ईडी जांच में यह भी पता चला कि वापस मिली विदेशी मुद्रा को भारत लाने के बजाय, प्रियंका मेहता ने उस रकम को सीधे अमेरिका से पुर्तगाल ट्रांसफर कर दिया। बाद में, वापस मिली रकम को भारत से भेजे गए अतिरिक्त पैसे के साथ मिलाकर पुर्तगाल में एक आलीशन अचल संपत्ति खरीदने में इस्तेमाल किया गया, जबकि बाकी रकम पुर्तगाल के एक विदेशी बैंक खाते में ही रखी रही। भारत के बाहर विदेशी मुद्रा और संपत्ति हासिल करना, रखना और इस्तेमाल करना एफईएम, 1999 की धारा 4 और धारा 10(6) के नियमों का उल्लंघन है। इसीलिए, ईडी ने जबलपुर, मध्य प्रदेश में प्रियंका मेहता की 3.67 करोड़ रुपये (लगभग) की अचल संपत्ति जब्त की है।
यह रकम एफइएम के नियमों का उल्लंघन करके भारत के बाहर रखी गई 5,02,954 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा की कीमत के बराबर है। आगे की जांच चल रही है। विदित हो कि बिल्डर प्रियांक मेहता के यहां सितम्बर 2023 में आयकर विभाग की टीम ने छापमारी की थी। विदेशी संपत्तियां उजागर हुई थी। इस दौरान जमीनों की खरीद फरोख्त से जुड़े अहम दस्तावेज आयकर विभाग के हाथ लगे थे।
इसी मामले में ईडी की एंट्री हुई थी और 19 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जबलपुर मेें बिल्डर प्रियांक मेहता के ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा अधिनियम की धाराओ के तहत की गई थी। यह कार्रवाई इनकम टैक्स से मिली खास जानकारी और ईडी की जांच के आधार पर की गई थी।अब ईडी ने एन ने फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के तहत जबलपुर, में 3.67 करोड़ रुपये की कीमत वाली एक अचल संपत्ति जब्त की है।
