मनीला, 23 जुलाई (वार्ता) अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने गुरुवार को यहां आसियान सम्मेलन की दौरान बैठक की तथा यूक्रेन एवं पश्चिम एशिया युद्ध के मुद्दे पर गहरे मतभेद को लेकर चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने अमेरिका-रूस संबंधों तथा रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए आगे का रास्ता तलाशने पर विचार-विमर्श किया। हालांकि, दोनों में से किसी ने भी पत्रकारों के इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या रूस, अमेरिकी बलों पर हमलों में ईरान की मदद कर रहा है या यूक्रेन में अपने सैन्य अभियान को रोकने के लिए तैयार है।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने बताया कि श्री लावरोव ने श्री रुबियो को यूक्रेन में मोर्चे की ताजा स्थिति से अवगत कराया और इस बात पर जोर दिया कि कीव को आगे हथियार उपलब्ध कराना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि श्री लावरोव ने यह भी दोहराया कि रूस इस संघर्ष के राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है। बैठक से पहले श्री रुबियो ने कहा था कि वार्ता में यूक्रेन का मुद्दा प्रमुख रहेगा, लेकिन मतभेदों के बावजूद रूस के साथ संवाद बनाए रखना आवश्यक है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “मुझे नहीं पता कि इसे ‘दबाव डालना’ कहा जायेगा या नहीं, लेकिन हम इस विषय पर बात करेंगे।”
श्री रुबियो ने कहा कि यूक्रेन युद्ध के कारण अमेरिका और रूस के लिए अन्य मुद्दों पर सहमति बनाना कठिन हो गया है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि दोनों देश संभावित सहयोग के अन्य क्षेत्रों की तलाश नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीतिक बातचीत के लिए नयी संभावनाएं बन सकती हैं। उनके अनुसार, “संभव है कि अब ऐसी नयी परिस्थितियां बन गयी हों, जिनसे यह बातचीत आगे बढ़ सके।” रूस और यूक्रेन के बीच शांति प्रयासों में अब तक कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई है। कई दौर की कूटनीतिक पहल और 2025 में अलास्का में आयोजित शिखर बैठक के बावजूद वार्ता किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2023 और 2024 के चुनाव अभियान के दौरान सत्ता में लौटने के बाद जल्द ही इस युद्ध को समाप्त करने का वादा किया था, लेकिन उनके दूसरे कार्यकाल के 500 से अधिक दिन बीत जाने के बाद भी संघर्ष जारी है।

