जेपी नड्डा के बयान के बाद CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा और प्रदर्शन जारी रहेगा।
देश भर में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के खिलाफ जंतर-मंतर पर लाखों की संख्या में युवा और जनता प्रदर्शन कर रही है। मंगलवार को इस अनशन में विपक्ष भी शामिल हो गया और पीएम आवास के बाद धरना दिया। विपक्ष के इस हंगामे के बाद जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और विपक्ष पर निशाना साधा। छात्रों के प्रदर्शन का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। इसका राजनीतिक लाभ लेना सही नहीं है। छात्रों की समस्या पर गहनता से चर्चा की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने 150 पेपर लीक की बात कही।
जेपी नड्डा के इस बयान के बाद सीजेपी में आक्रोश का माहौल है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “जेपी नड्डा को शर्म आनी चाहिए। लोग यहां 30 दिनों से ज्यादा समय से बैठे हैं छात्रों का सिर फोड़ा गया है। वे कह रहे है राजनीति नहीं करनी चाहिए। राजनीति तो वही कर रहे हैं। राजनीति करिए क्योंकि इसमें आप जनता की बात सुनते है, लेकिन यहां जनता की बात सुनी नहीं जा रही है।”
देश भर से उठ रही आवाज
सौरव दास ने आगे कहा, “यह सबसे बड़ी समस्या है। सरकार पता नहीं क्या सोच रही है। लाखों की संख्या में लोग यहां प्रदर्शन कर रहे है। सिर्फ दिल्ली में नहीं देश भर में छोटे-छोटे गांव में प्रदर्शन किया जा रहा है। जब से लाठीचार्ज हुआ है, तब से दिल्ली पुलिस के खिलाफ भी आवाज उठ रही है।”
चाणक्य नीति पर उठाए सवाल
चाणक्य नीति पर सवाल उठाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “सरकार को समझना चाहिए। यहां कहा जा रहा है कि यह चाणक्य नीति कर रहे है। आखिर ये क्या है, यहां छात्रों और छात्राओं को इग्नोर किया जा रहा है उनका सिर फोड़ा जा रहा है। क्या यह चाणक्य नीति है। ऐसा है तो वे अपनी कुर्सी से हट जाए। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बिल्कुल भी नेगोशिएट नहीं किया जाएगा। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूरी है, इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता। इसके बिना विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। यह तब तक चलता रहेगा जब तक जरूरी होगा।”
सोनम वांगचुक से की बातचीत
दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोनम वांगचुक से हुई बातचीत के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया, “आज मेरी सोनम वांगचुक से कई बार बात हुई। नतीजा यह निकला कि यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ही रहना चाहिए।”
सोनम वांगचुक ने सभी प्रदर्शनकारियों से सार्वजनिक रूप से शांति बनाए रखने और सही तरीके से विरोध करने की अपील भी की है। देश में पहले हुए विरोध प्रदर्शनों में, सत्ताधारी सरकार द्वारा भेजे गए असामाजिक तत्व घुसपैठ करके पूरे प्रदर्शन को पटरी से उतार देते हैं, और आखिर में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने वालों को ही दोषी ठहराया जाता है, ऐसा नहीं होना चाहिए। इस बात पर खास ध्यान रखा जा रहा है।
