ई-उर्वरक वितरण व्यवस्था पर हाईकोर्ट की मुहर

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मध्य प्रदेश में लागू ई-विकास (डिस्ट्रीब्यूशन एंड एग्रीकल्चर फर्टिलाइजर सप्लाई सॉल्यूशन सिस्टम) को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और गैर-कृषि उपयोग रोकने के लिए बनाई गई यह व्यवस्था केंद्र सरकार का नीतिगत निर्णय है, जिसमें न्यायालय सीमित परिस्थितियों में ही हस्तक्षेप कर सकता है।

दरअसल, कृषि आदान विक्रेता संघ की ओर से वरिष्ठ सदस्य जबलपुर निवासी जयेश ओझा के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया था कि ई-टोकन प्रणाली लागू होने से इंटरनेट और तकनीकी जानकारी के अभाव में किसानों और उर्वरक विक्रेताओं को परेशानी हो रही है। साथ ही इसे उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के विपरीत बताया गया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अग्रवाल के साथ अधिवक्ता अमन गुप्ता ने पैरवी की। राज्य शासन की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली, जबकि केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता सुयश ठाकुर उपस्थित हुए।

Next Post

राठौड़ समाज अध्यक्ष रामचंद्र राठौड़ का दुर्घटना में निधन

Wed Jul 22 , 2026
झाबुआ। श्री पदम वंशीय मेवाड़ा राठौड़ तेली समाज अध्यक्ष रामचंद्र राठौड़ का 22 जुलाई, बुधवार को सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। जिससे समाजजनों में शोक की लहर छा गई। अंतिम यात्रा निवास स्थान से निकालकर अंतिम संस्कार गैल स्थित मुक्तिधाम पर किया गया। प्राप्त जानकारी अनुसार राठौड़ समाज अध्यक्ष […]

You May Like