
भोपाल। केंद्रीय जेल में बंद पूर्व जज गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत के लिए आवेदन पर बुधवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी. शुक्रवार 24 जुलाई को सीबीआई कोर्ट में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीलम शुक्ला मामले की सुनवाई करेंगी. जज के अवकाश पर होने के चलते सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाई गई है. इससे पहले मामले की सुनवाई को लेकर दो जजों ने खुद को इससे अलग कर लिया. गिरिबाला सिंह ने अपनी 100 साल की मां की देखभाल के लिए भोपाल जिला अदालत आवेदन दिया है.
जानकारी के मुताबिक गिरिबाला सिंह ने सोमवार को कोर्ट में जमानत का आवेदन दिया था. इस पर दो न्यायाधीश सुनवाई से पीछे हट गए और मामला तीसरे न्यायालय को भेजा गया. बताया गया कि गिरिबाला सिंह का आवेदन सबसे पहले अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेखा मिश्रा के पास गया. मिश्रा ने गिरिबाला सिंह से अपने पारिवारिक संबंधों का हवाला देकर खुद को सुनवाई से अलग कर लिया. इसके बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुचिता श्रीवास्तव के पास मामले को भेजा गया. उन्होंने भी इससे दूरी बनाई और केस की फाइल अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीलम शुक्ला के पास भेजी गई. शुक्ला के अवकाश पर होने के चलते वहां भी इस पर सुनवाई नहीं हो पाई. फाइल जब अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामप्रताप मिश्रा के पास देर शाम को पहुंची तब तक न्यायालय की कार्यवाही समाप्त हो चुकी थी. बताया गया कि गिरिबाला सिंह ने अपनी बुजुर्ग मां की देखभाल और घर में चोरी की घटना का हवाला दिया है. अपनी संपत्ति और परिवार की देखभाल के लिए जेल से बाहर रहने की जरूरत बताते हुए उन्होंने अपना जमानती आवेदन कोर्ट में दिया है. गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी हैं. दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.
