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इंदौर. देपालपुर की गीता विहार कॉलोनी में शासन के पास बंधक रखे भूखंडों को बेचने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) इंदौर ने कॉलोनी विकसित करने वाली कंपनी के डायरेक्टर सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है. आरोप है कि बंधन मुक्त कराए बिना चार भूखंडों की बिक्री कर दी गई, जिनकी कीमत 2 करोड़ 55 लाख रुपए से अधिक थी.
ईओडब्ल्यू ने एसएमवी इन्फ्रा स्टेट प्रा.लि. के डायरेक्टर सुरेश ठाकुर, आम मुख्त्यारधारी दिनेश मुकाती निवासी ताजखेड़ी, देपालपुर और अन्य लोगों के खिलाफ धारा 420 और 34 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया है. मामले की शिकायत भ्रष्टाचार विरोधी संगठन के सचिव एस. शिवम ने की थी. शिकायत में गीता विहार कॉलोनी में विकास कार्य अधूरे होने के बावजूद दस्तावेजों के आधार पर काम पूरा बताने और शासन के पास बंधक रखे भूखंडों को बेचने के आरोप लगाए गए थे. जांच में पता चला कि ग्राम ताजखेड़ी स्थित गीता विहार कॉलोनी के लिए कलेक्टर इंदौर के पास 25 प्रतिशत भूखंड विकास कार्यों की गारंटी के रूप में बंधक रखे थे. इनमें भूखंड क्रमांक 88, 89, 90 और 124 भी शामिल थे. इन भूखंडों को वर्ष 2018 में बंधन मुक्त कराए बिना ही बेच दिया.
रिकॉर्ड के अनुसार सुरेश ठाकुर ने दिसंबर 2017 में दिनेश मुकाती के पक्ष में 35 भूखंडों के संबंध में आम मुख्त्यारनामा किया था. इसके बाद मार्च और मई 2018 में चारों बंधक भूखंडों की बिक्री कर दी गई. जांच में इन भूखंडों का कुल विक्रय मूल्य 2 करोड़ 55 लाख 80 हजार 300 रुपए पाया. ईओडब्ल्यू की जांच में कॉलोनी के विकास कार्यों की भी पड़ताल की गई. इसमें सड़क, बाउंड्रीवाल, ड्रेनेज, वाटर लाइन सहित कई काम होना पाए गए, लेकिन विद्युत संबंधी कार्य अधूरा मिला. ईओडब्ल्यू ने दस्तावेजों और संबंधित विभागों से मिली जानकारी के आधार पर मामला दर्ज किया है. अब आरोपियों की भूमिका और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है.
