सीबीआई टीम ने अफसर से की पूछतांछ, एनसीएल में चार साल पहले हुई भर्ती का मामला
सिंगरौली :एनसीएल मुख्यालय में सीबीआई जबलपुर की एंटी करप्शन की टीम के पहुंचने से हड़कंप मच गया है। वर्ष 2020-21 में एचईएमएम ऑपरेटरों भारी वाहनों के चालक की भर्ती मामले में शिकायत हुई थी। एंटी करप्शन की टीम ने एनसीएल के दो अधिकारियों समेत अन्य पर मामला पंजीबद्ध किया है। सीबीआई की इस कार्रवाई से एनसीएल में हड़कंप मच गया है।गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी नेत्री अनीता बैस ने उच्च न्यायालय समेत सीबीआई व कोल मंत्रालय नई दिल्ली के यहां शिकायत की। उसने आरोप लगाया था की वर्ष 2020-21 में एचईएमएम ऑपरेटरों भारी वाहनों के चालक की भर्ती में व्यापक पैमाने पर गोलमाल हुआ है।
आप नेत्री के इस शिकायत पर जबलपुर एंटी करप्शन की टीम ने एनसीएल के दो अधिकारियों पर अपराध दर्ज किया है। हालांकि एक अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुका है। जानकारी के अनुसार कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एनसीएल में चार साल पहले हुई एचईएमएम ऑपरेटरों भारी वाहनों के चालक की भर्ती मामले में धांधली पर दर्ज केस में सीबीआई जबलपुर की एंटी करप्शन टीम जबलपुर ने एनसीएल के एक अधिकारी से पूछतांछ किया। अधिकारी उस वक्त भर्ती प्रक्रिया के हिस्सा थे। सीबीआई टीम के पहुंचने की खबर से कोयला क्षेत्र में खलबली मच गई। हालांकि एनसीएल से सीबीआई का पुराना नाता है।
बीते साल कदाचार के एक मामले में सीबीआई ने अपने एक अधिकारी सहित एनसीएल के अफसरों एवं ठेकेदार पर बड़ी कार्रवाई किया था। यही वजह थी कि बृहस्पतिवार को एनसीएल अधिकारी में भी टीम की मौजूदगी से बेचैनी रही। बताया जा रहा है कि साल 2020-21 में एनसीएल ने 88 एचईएमएम के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू किया था। इस दौरान आरोप लगा कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों ने कुछ चहेतो को लीक से हटकर लाभ पहुंचाया। आप नेत्री की शिकायत को संज्ञान लेते हुए सीबीआई ने एनसीएल के सीवीओ से शिकायत दर्ज कराने का अनुरोध किया। लेकिन मुख्य सतर्कता अधिकारी सीवीओ ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।
इसके बाद सीबीआई ने एनसीएल के महाप्रबंधक कार्मिक भर्ती चार्ल्स जूस्टर व मैनेजर कार्मिक भर्ती हर्षवर्धन मिश्रा सहित अन्य पब्लिक एवं सरकारी कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दिया। सूत्रों के मुताबिक इसी मामले की जांच-पड़ताल करने टीम एनसीएल पहुंची थी। इस मामले में हर्षवर्धन मिश्रा से पूछतांछ की गई और भर्ती से जुड़े कई अहम दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेने की जानकारी है। हालांकि इस मामले में सीबीआई के साथ-साथ एनसीएल के अधिकारी कुछ भी कहने की स्थिति से बचते रहे। फिलहाल एनसीएल के जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं। वहीं सीबीआई की टीम के पहुंचने से एनसीएल सिंगरौली में खलबली मचा हुआ है।
भर्ती में जमकर हुआ था बवाल, कई लगे थे आरोप
एचईएमएम ऑपरेटरों भारी वाहनों के चालक की भर्ती के दौरान एनसीएल मुख्यालय सिंगरौली में जमकर बवाल हुआ था। धरना प्रदर्शन के साथ-साथ परीक्षार्थियों ने एनसीएल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाया था। परीक्षार्थियों के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के महिला नेत्री अनीता बैस ने आरोप लगाया था कि 88 उम्मीदवारों में से 21 के रिश्तेदार सीआईएल या उसकी सहायक कंपनियों में काम करने वालों के थे। इसमें एक दर्शन अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ प्रांत के भटगांव और एमपी के सिंगरौली से भी है। इसके अलावा अन्य कई गड़बड़िया पाई गई थी। कुछ अभ्यर्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड के नम्बर पर भर्ती परीक्षा के अंक का भी तुलनात्मक किया है। जिसमें चौकाने वाली जानकारी सामने आई थी। इन्ही सभी दस्तावेजों को एकत्रित कर शिकायत कर्ताओं ने सीबीआई समेत अन्य जगह आवेदन पत्र दिया था।
