नयी दिल्ली, 21 जुलाई (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा प्रश्न-पत्रों के लीक होने की घटनाओं को राष्ट्रीय चिंता का विषय बताते हुए मंगलवार को कहा कि हाल में राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) में सामने आये प्रश्न-पत्र लीक के ममले में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
श्री मोदी ने परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र होने की घटनाओं को राष्ट्रीय चिंता का विषय बताया और कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता और विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है, जिसके लिए त्वरित और समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। श्री मोदी संसद के मानसून सत्र के दौरान आज सुबह सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सांसदों के साथ ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
प्रधानमंत्री ने यह बात ऐसे समय कही है जबकि प्रश्न-पत्र लीक होने के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के चलते मानसून सत्र में पहले दो दिन कोई काम काज नहीं हो सका। इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को राजधानी में एक जोरदार विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किया गया था। संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए पुलिस बलों ने लाठी-चार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान झड़पों में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गये।
राजग सांसदों की बैठक में प्रधानमंत्री के संबोधन की जानकारी संवादाताओं को संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने दी। श्री रिजिजू के अनुसार प्रधानमंत्री ने बैठक में इस बात का उल्लेख किया कि पेपर लीक सामने आने के तुरंत बाद सरकार ने तेजी से कदम उठाए, तेरह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए शीघ्र पुनः परीक्षा आयोजित की गई।
श्री रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने दोषियों को सबसे कड़ी सजा देने पर जोर दिया है और कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना देश के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री मोदी ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पूरी तरह सुरक्षित और त्रुटिरहित परीक्षा प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य छात्रों के सपनों की रक्षा करना, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और राष्ट्रीय संस्थाओं पर जनता का विश्वास और अधिक मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की शुचिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना सबकी साझा जिम्मेदारी है। पेपर लीक के खिलाफ राज्य सरकारों और सभी दलों को मिलकर लड़ना होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राजग सांसदों से युवाओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखने का आग्रह करते हुए उन्हें यह भरोसा दिलाने का आह्वान किया कि सरकार देश के युवाओं के हितों के संरक्षण-संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष पर छात्रों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए गठबंधन के घटक दलों के नेताओं से ऐसी कथित भ्रामक सूचनाओं का मजबूती से मुकाबला करने का आह्वान किया।
संसद के सुचारु संचालन के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने राजग के घटक दलों के बीच पूरा समन्वय और एकजुटता बनाए रखने पर बल दिया । उन्होंने विपक्षी दलों से भी रचनात्मक सहयोग की अपेक्षा जताते हुए सभी सांसदों को देश की प्रगति और युवाओं के कल्याण के प्रति अपनी साझा जिम्मेदारी निभाने की याद दिलाई।
श्री रिजिजू के अनुसार बैठक में प्रधानमंत्री कहा, “देश के हित में लाए गये विधेयकों और विधायी कामकाज को पारित कराने के हमारे संकल्प में हम एकजुट हैं। हम विपक्ष से भी अपील करते हैं कि भले ही अलग-अलग पार्टियों की राय अलग-अलग हो, लेकिन देश, उसके भविष्य और युवाओं के लिए वे मिलकर काम करें।”
श्री मोदी ने पिछले कुछ महीनों में देश की विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री ने हाल में विभिन्न देशों और समूहों के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समझौतों में भारत के किसानों के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गयी है और आगे भी इसका ध्यान रखा जाएगा। श्री मोदी ने कहा, ‘ये एफटीए हमारे किसानों और पूरे देश के हित में हैं।’
श्री मोदी ने बैठक में राजग के उन राज्य सभा सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दीं, जो हाल के चुनावों में पहली बार उच्च सदन के लिए चुन कर आये हैं। ऐसे सदस्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन भी हैं जो बिहार से चुने गये हैं। वह आज सांसद के रूप में पहली बार राजग संसदीय दल की बैठक में शामिल हुए।
