तेहरान/इस्लामाबाद, 21 जुलाई (वार्ता) ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने मंगलवार को पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। ईरान और अमेरिका के बीच समाप्त हो चुके युद्धविराम समझौते को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय मध्यस्थों ने प्रयास तेज कर दिये हैं।
प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह यात्रा ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में पाकिस्तान के बढ़ते कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा है। हालांकि, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि पिछले एक सप्ताह में भड़की भीषण जंग को रोकने के लिए किसी नए ढांचे पर सहमति बन पाएगी या नहीं।
बंद कमरे में हुई बातचीत का हवाला देते हुए दो पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि श्री मोमेनी ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की। इसके अलावा, मंगलवार को ही उनकी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ भी बैठक प्रस्तावित थी।
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच प्रमुख मध्यस्थों में से एक रहा है। उसने पिछले महीने अंतरिम समझौते को कराने में मदद भी की थी। इस समझौते के टूटने के बाद से पाकिस्तान दोनों पक्षों को जून के सहमति पत्र में शामिल अनसुलझे मुद्दों पर बातचीत फिर से शुरू करने के लिए राजी करने में जुटा हुआ है।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने मंगलवार की इन बैठकों के विस्तृत ब्योरे की तुरंत घोषणा नहीं की है।
यह कूटनीतिक हलचल ऐसे समय में हो रही है जब ईरान ने अमेरिका के सहयोगी खाड़ी अरब देशों के खिलाफ अपने हमले जारी रखे हैं। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को कहा था कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘यह बातचीत वास्तविक और ठोस होनी चाहिए।’
दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख काफी सख्त नजर आ रहा है। सप्ताहांत में तीन अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने के बाद उन्होंने बदला लेने का संकल्प जताया है।
श्री ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर चेतावनी देते हुए लिखा, “हर बार जब ईरान किसी अमेरिकी सैनिक को मारेगा, तो उसे उसकी कई गुना कीमत चुकानी होगी!” उनका यह बयान इस बात का संकेत है कि कूटनीतिक सफलता के प्रयासों के बीच भी अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।
