स्मार्ट मीटर पर गुना में उबाल: बिलों की बेतहाशा बढ़ोतरी से आक्रोश

गुना। जिले में बिजली उपभोक्ताओं के बीच लगातार बढ़ रहे आक्रोश ने मंगलवार को एक संगठित विरोध का रूप ले लिया जब ‘बिजली उपभोक्ता संगठन गुना’ ने सैकड़ों शिकायतों के आधार पर जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए स्मार्ट मीटर योजना को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि स्मार्ट मीटर न तो जनता के हित में हैं और न ही पारदर्शी व्यवस्था से जोड़े जा रहे हैं। बल्कि यह एक योजनाबद्ध आर्थिक शोषण का नया तरीका है। ज्ञापन में कहा गया कि बिजली कंपनी की ओर से जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का काम निजी कंपनी ‘अपरवा एनर्जी प्रा.लि.’ के माध्यम से किया जा रहा है। लेकिन इन मीटरों के लगने के बाद बिजली बिलों में असामान्य बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जो जनता की जेब पर सीधा हमला है। ग्राम गजनाई निवासी जितेंद्र रघुवंशी का उदाहरण देते हुए बताया गया कि उनका बिजली बिल स्मार्ट मीटर लगने के बाद 2,62,000 तक पहुंच गया। वहीं शहर की लक्ष्मीनगर कॉलोनी में रहने वाले अभिषेक सेन का मामला भी कुछ ऐसा ही है, जिनका अप्रैल माह का बिल 137 था और मई में वही बिल 13,500 हो गया। कुलदीप ओझा का बिल 207 से बढक़र 37,195 तक पहुंच गया। ऐसे ही कई उदाहरण शहरभर से सामने आ रहे हैं।

शहर की विवेक कॉलोनी, भार्गव कॉलोनी, प्रेमी कॉलोनी, पुलिस लाइन और विंध्याचल सहित अनेक इलाकों में जैसे ही स्मार्ट मीटर लगाने वाली निजी कंपनी के कर्मचारी पहुंचे, स्थानीय निवासियों ने उन्हें विरोध करते हुए खदेड़ दिया। नाराज लोगों का कहना था कि यह मीटर बिजली का बिल कम करने के बजाय कई गुना बढ़ा रहे हैं। जिन कॉलोनियों में पहले ही स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां के निवासी आज भी बिजली ऑफिस और कलेक्टोरेट के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही। ज्ञापन में उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी मनमाने ढंग से बिना उपभोक्ताओं की सहमति के जबरन स्मार्ट मीटर लगा रही है, जो उपभोक्ता अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। बिजली अधिनियम 2003 के अनुसार, उपभोक्ता की स्वीकृति के बिना स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं किया जा सकता। लेकिन इसके बावजूद कई क्षेत्रों में बिना किसी पूर्व सूचना के मीटर लगाए जा रहे हैं।

संगठन ने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखते हुए चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो उपभोक्ता सडक़ों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। मांगों में प्रमुख रूप से स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तत्काल रोकने, जहां-जहां स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं वहां दोबारा पारंपरिक मीटर लगाए जाने और बिजली के पूर्ण निजीकरण पर रोक लगाने की बात शामिल है। उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस सहित कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी समर्थन देते हुए जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में दिए गए तथ्यों और लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि गुना जिले में स्मार्ट मीटर योजना आम जनता के बीच गहरी असंतोष की जड़ बन चुकी है।

Next Post

गिफ्ट ए डेस्क अभियान: 69 डेस्क-बेंच वितरित 

Tue Jul 8 , 2025
सिवनी। समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूरा फाउंडेशन ने, भूरा परिवार के प्रेरणा स्रोत स्वर्गीय रामचंद्र भूरा और श्रीमती मीराबाई भूरा की स्मृति में, एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिला कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन की प्रेरणा से चलाए जा रहे “गिफ्ट ए डेस्क” अभियान के तहत, फाउंडेशन ने विभिन्न […]

You May Like