भोपाल। भोपाल में मेट्रो की शुरुआत हो चुकी है और जल्द ही एसी ई-बसें भी सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी। सरकार का दावा है कि इससे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या मौजूदा समय में भोपाल में सिटी बस और मेट्रो की सुविधा लोगों की जरूरतों को पूरा कर पा रही है?
इसी सवाल का जवाब जानने के लिए हमारी टीम ने एमपी नगर, न्यू मार्केट, बोर्ड ऑफिस, शाहपुरा, कोलार, मिसरोद, एआईएमएस और आसपास के इलाकों में लोगों से बातचीत की। बातचीत में अलग-अलग राय सामने आई, लेकिन ज्यादातर लोगों का कहना था कि राजधानी में सार्वजनिक परिवहन अभी भी पूरी तरह पर्याप्त नहीं है।
लोगों का कहना है कि कई रूटों पर सिटी बसें समय पर नहीं मिलतीं, कुछ जगहों पर बसों की संख्या कम है और मेट्रो की पहुंच अभी सीमित है। इसी वजह से आज भी बड़ी संख्या में लोग बाइक और कार जैसे निजी वाहनों का इस्तेमाल करना ज्यादा सुविधाजनक मानते हैं।
वहीं, छात्रों ने बताया कि कॉलेज और कोचिंग आने-जाने के दौरान उन्हें कई बार लंबा इंतजार करना पड़ता है। उनका मानना है कि अगर बसों की संख्या बढ़े और शहर के सभी प्रमुख इलाकों तक बेहतर कनेक्टिविटी मिले, तो सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा लोग इस्तेमाल करेंगे।
हालांकि, कुछ लोगों ने मौजूदा व्यवस्था को संतोषजनक भी बताया। उनका कहना है कि सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो सेवा शुरू होने से सफर पहले के मुकाबले आसान हुआ है। वहीं, कई लोगों को उम्मीद है कि नई एसी ई-बसों के शुरू होने के बाद शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और बेहतर होगी।
फिलहाल भोपाल में निजी वाहनों का इस्तेमाल करने वालों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि मेट्रो के विस्तार और ई-बसों के संचालन के बाद क्या लोग सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा अपनाते हैं या बेहतर कनेक्टिविटी की मांग आगे भी जारी रहती है।
