महाकाल की सवारी और नागपंचमी से पहले युद्धस्तर पर तैयारियां

उज्जैन: महाकाल की नगरी में सावन-भादौ का धार्मिक उल्लास इस बार विकास कार्यों के बीच दिखाई देगा. 30 जुलाई से सावन पर्व की शुरुआत होने जा रही है, जबकि 3 अगस्त को भगवान महाकाल की पहली शाही सवारी निकलेगी.इसके पहले जिला प्रशासन, नगर निगम, महाकाल मंदिर प्रबंध समिति और निर्माण एजेंसियों ने सवारी मार्गों को समय पर तैयार करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. दिन-रात तीन शिफ्टों में निर्माण कार्य चल रहा है, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जा सके. सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच निकलने वाली इस बार की महाकाल की सवारियां प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा मानी जा रही हैं. एक ओर शहर में बड़े पैमाने पर विकास और चौड़ीकरण के कार्य चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इन धार्मिक आयोजनों को सुरक्षित, व्यवस्थित और भव्य बनाने की चुनौती भी प्रशासन के सामने है.

शिप्रा तट वाली मार्ग होगी दुरस्त
महाकाल सवारी महाकाल मंदिर से निकलकर शिप्रा तट पर पालकी पूजन के बाद परंपरागत मार्गों से होकर पुनः मंदिर पहुंचेगी. इन मार्गों पर इस समय सड़क चौड़ीकरण, नालियों के निर्माण और अन्य विकास कार्य जारी हैं. प्रशासन का लक्ष्य है कि सवारी निकलने तक कम से कम एक ओर का मार्ग पूरी तरह सुगम बना दिया जाए. जहां फोरलेन सड़क बन रही है वहां दो लेन चालू करने की तैयारी है, जबकि टू-लेन मार्गों पर एक ओर का हिस्सा पूरी तरह दुरुस्त किया जा रहा है.

जर्जर भवन भी हटा रहे
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, अपर आयुक्त संतोष टैगोर, महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी लगातार सवारी मार्गों का निरीक्षण कर रहे हैं. जर्जर भवनों को चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई की जा रही है, संकरे मार्गों का चौड़ीकरण पूरा किया जा रहा है और बिजली के खंभों पर सुरक्षा की दृष्टि से प्लास्टिक शीट लगाई जा रही है. नई बैरिकेडिंग, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी विशेष योजना तैयार की जा रही है.

सती माता मंदिर के पास वाले व्यापारी हुए राजी
सती माता मंदिर क्षेत्र में भी चौड़ीकरण का कार्य तेज हो गया है. यहां छह मकान और दुकानों को हटाया जाना है. इनमें से तीन संपत्ति मालिकों ने स्वयं सामान हटाना शुरू कर दिया है, जबकि दो दुकानदारों ने भवन का आगे का हिस्सा तोड़ना भी शुरू कर दिया है, ताकि नगर निगम की कार्रवाई के दौरान नुकसान कम हो.

कलेक्टर ने संभाला मोर्चा
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और महाकाल मंदिर समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं. कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं. शहर के विभिन्न स्थानों पर पार्किंग, पेयजल, जूता-स्टैंड, छांव, बैरिकेडिंग और सुगम दर्शन व्यवस्था विकसित की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.

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