
ग्वालियर। सिंधिया राजपरिवार की संपत्तियों के बंटवारे को लेकर ग्वालियर जिला न्यायालय में आज सोमवार को होने वाली सुनवाई टल गई। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को तय की है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तीनों बुआओ की ओर से दायर वाद से संबंधित प्रकरण की फाइल हाई कोर्ट से जिला न्यायालय नहीं पहुंची। इस कारण बंटवारे के समझौता आवेदन पर सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी।
सिंधिया राजपरिवार की संपत्तियों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। विवाद में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य और उनकी तीनों बुआ राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे व नेपाल में रह रहीं ऊषा राजे राणा पक्षकार हैं। ज्योतिरादित्य की ओर से जिला न्यायालय में 35 पृष्ठ का समझौता आवेदन प्रस्तुत किया गया। इस पर सभी पक्षों की सहमति के बाद न्यायालय की स्वीकृति होनी है। इससे पहले भी सुनवाई अभिलेख उपलब्ध नहीं होने के कारण स्थगित हो गई थी।
*मौजूदा कब्जे को ही मालिकाना हक मानने का प्रस्ताव*
प्रस्तावित समझौते के अनुसार, परिवार के सदस्यों के बीच संपत्तियों के बंटवारे पर सहमति बनने का दावा किया गया है। समझौते का प्रमुख आधार वर्तमान कब्जे को ही मालिकाना हक का आधार माना गया है। यदि अदालत इस समझौते को मंजूरी देती है तो ग्वालियर, दिल्ली, मुंबई और पुणे की अदालतों में लंबित एक दर्जन से अधिक दीवानी मुकदमों के समाप्त होने का रास्ता साफ हो सकता है।
