बीजिंग, 20 जुलाई (वार्ता) जापान ओपन में जीत हासिल करने के बाद पीवी सिंधु मंगलवार से शुरू होने वाले चाइना ओपन 2026 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगी। इसी के साथ वह अपनी शानदार लय को बरकरार रखने की कोशिश करेंगी। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु पिछले हफ्ते जापान में तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन अकाने यामागुची को हराकर लगभग दो साल बाद खिताब जीतने में सफल रहीं। अब वह इसी आत्मविश्वास के साथ चाइना ओपन में चुनौती पेश करेंगी। 2016 की चाइना ओपन चैंपियन पीवी सिंधु ने बिना कोई गेम गंवाए जापान ओपन का खिताब हासिल किया था और अब वह चीन में भी अपने शानदार फॉर्म के साथ प्रदर्शन करने को तैयार हैं।
वूमेंस सिंगल्स ड्रॉ में अन्य भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी देविका सिहाग और उन्नति हुड्डा शामिल हैं।
मेंस सिंगल्स ड्रॉ में पेरिस 2024 के सेमीफाइनलिस्ट लक्ष्य सेन, दुनिया के नंबर 24 खिलाड़ी आयुष शेट्टी और बैडमिंटन रैंकिंग में 36वें स्थान पर मौजूद एचएस प्रणय शामिल तीन भारतीय खिलाड़ी हैं।
पुरुष युगल में एशियन गेम्स चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पर सभी की नजरें रहेंगी। वे पिछले हफ्ते जापान ओपन में अपनी वापसी के दौरान आई मुश्किलों और चोट की समस्याओं को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे।
जून में इंडोनेशिया ओपन के शुरुआती दौर में सात्विक के कंधे की चोट के गंभीर होने के बाद से यह उनकी पहली वापसी थी। लेकिन चोट के फिर से उभरने की वजह से उन्हें जापान ओपन के शुरू में रिटायर होना पड़ा, जिससे उनकी लंबे समय से प्रतीक्षित वापसी अधूरी रह गई। मई में सिंगापुर ओपन में बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर का खिताब जीतने वाले पीवी सिंधु के अलावा, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी चीन में अपनी चोटों से उबरकर अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। वहीं, ओलंपियन तनीषा क्रास्टो और ध्रुव कपिला, रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्ठे के साथ मिलकर मिक्स्ड डबल्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। हालांकि, वूमेंस डबल्स ड्रॉ में कोई भी भारतीय जोड़ी हिस्सा नहीं ले रही।

