भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सरकार ने मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 सदन में पेश किया। विधेयक को मंत्री गौतम टेटवाल ने प्रस्तुत किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि इस पर मंगलवार को विस्तृत चर्चा होगी। हालांकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़े उज्जैन भूमि क्रय प्रकरण पर चर्चा की विपक्ष की मांग को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ, जिसके कारण कार्यवाही पहले आधे घंटे और बाद में दोपहर तीन बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने गांधी प्रतिमा के सामने किसानों के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। कई विधायक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के मुखौटे पहनकर विधानसभा पहुंचे। कांग्रेस ने किसानों को खाद-बीज की कमी, न्यूनतम समर्थन मूल्य और फसल खरीदी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि किसान खाद और बीज के लिए परेशान हैं, जबकि सरकार वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटका रही है। कांग्रेस विधायक सुनील उईके और कैलाश कुशवाहा ने भी किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।
भाजपा ने कांग्रेस के प्रदर्शन को राजनीतिक नौटंकी बताया। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण कुछ असर जरूर पड़ा है, लेकिन प्रदेश में किसानों के लिए पर्याप्त खाद और बीज उपलब्ध है। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने यूसीसी को महिलाओं को समान अधिकार देने वाला ऐतिहासिक कदम बताते हुए कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कांग्रेस से सभी समाजों के हित में राजनीति करने की अपील की।
शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े उज्जैन भूमि क्रय प्रकरण पर स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा की मांग की, लेकिन संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे नियमों के विरुद्ध बताते हुए विरोध किया। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई और कांग्रेस विधायक आसंदी के समीप पहुंचकर नारेबाजी करने लगे।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सरकार ने पूरक कार्यसूची के माध्यम से यूसीसी सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए। कांग्रेस ने इन्हें मूल कार्यसूची में शामिल न करने पर आपत्ति जताई, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में पहले ही निर्णय लिया जा चुका था और सभी विधेयकों पर मंगलवार को चर्चा होगी।
सरकार ने यूसीसी के अलावा मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026, राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक, श्रम शक्ति संहिता, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता संशोधन सहित कई अहम विधेयक सदन में प्रस्तुत किए।
सत्र के दौरान श्रद्धांजलि सूची, डीजे-साउंड सिस्टम पर कार्रवाई, खेल विभाग, केन-बेतवा परियोजना, जौरा शक्कर कारखाना और अन्य जनहित के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वहीं विधानसभा के बाहर ओबीसी महासभा ने 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और 13 प्रतिशत पदों पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर विधानसभा घेराव की चेतावनी दी।
