मुलताई: ताप्ती जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित महाआरती के दौरान रविवार रात एक सांड के श्रद्धालुओं की भीड़ में घुस जाने से अफरा-तफरी मच गई। परिक्रमा मार्ग पर कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें कई श्रद्धालुओं को मामूली चोटें आईं। पुलिस और प्रशासन की तत्परता से स्थिति पर शीघ्र नियंत्रण पा लिया गया, जिसके बाद महाआरती का कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब आठ बजे ताप्ती परिक्रमा मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां ताप्ती की महाआरती में शामिल होने के लिए एकत्रित थे। इसी दौरान एक सांड अचानक भीड़ में घुस आया। सांड को अपनी ओर आता देख श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान कई महिलाएं और बच्चे गिर पड़े तथा सांड की टक्कर से कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं।
हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर तैनात पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए। पुलिस जवानों और स्थानीय लोगों ने संयुक्त प्रयास कर काफी मशक्कत के बाद सांड को भीड़ से बाहर निकाला। स्थिति सामान्य होने के बाद श्रद्धालु पुनः व्यवस्थित होकर महाआरती में शामिल हुए। प्रशासन ने आयोजन के दौरान लोगों से संयम बनाए रखने की अपील भी की।
घटना के बाद श्रद्धालुओं ने बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि हजारों लोगों की मौजूदगी वाले आयोजनों से पहले क्षेत्र से आवारा पशुओं को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।स्थानीय लोगों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हाल ही में आवारा पशुओं को पकड़ने तथा उनके मालिकों से जुर्माना वसूलने के निर्देश जारी किए गए थे.
लेकिन उनका प्रभाव धरातल पर दिखाई नहीं दिया। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवारा पशुओं को हटाने की कार्रवाई की गई होती तो महाआरती के दौरान यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।श्रद्धालुओं ने प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि ताप्ती जन्मोत्सव सहित अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आवारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए प्रभावी एवं स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में धार्मिक कार्यक्रमों में भाग ले सकें।
