भोपाल। शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन वार्ड 23 में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। वार्ड पार्षद ने नगर निगम और महापौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी बार-बार गुहार लगाने के बावजूद वार्ड के शहीद स्कूल रोड, मछली बाज़ार, हाथी खाना, और वार्ड के अन्य हिस्सों में सफाई व्यवस्था को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय निवासीयों ने कहा कि वार्ड में गंदगी के कारण उन्हें और उनके परिवार को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए, वार्ड 23 की बदहाल सफाई व्यवस्था का असर शहर के स्वच्छता सर्वेक्षण पर भी पड़ सकता है।
वार्ड में पार्षद द्वारा कार्य किये जा रहे है, जैसे सड़कों की डामरीकरण, नाली निर्माण,टूटे डिवाइडरों के निर्माण पर नगर निगम द्वारा सफाई के लिए कोई कार्य नहीं किये जा रहे जिसके कारण वार्ड में कचरा इक_ा हो गया है.
दिनेश कुमार, निवासी भोईपुरा वार्ड 23
नगर निगम कर्मचारी घरों से कचरा तक लेने नहीं आते, जिससे कचरा फेंकने में काफी परेशानी होती है. जिसके लिए पार्षद के पास जा चुके है और पार्षद द्वारा महापौर करीलार और निगम कार्यालय में लिखित आवेदन भी दिए गए है पर इसका कोई हल नहीं निकला
जुनेद मंसूरी ,रहवासी वार्ड 23
अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कई बार नगर निगम के अधिकारियों और महापौर से मिलकर वार्ड की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने का अनुरोध किया है, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण के मद्देनजर वार्ड में विशेष सफाई अभियान चलाने की आवश्यकता है, लेकिन नगर निगम इस दिशा में उदासीन बना हुआ है। यदि वार्ड में गंदगी इसी तरह पसरी रही, तो शहर की रैंकिंग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
लइका रफ़ीक कुरैशी, पार्षद वार्ड 23
