भोपाल: इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सोमवार सुबह बैरागढ़ डिपो से इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू हो गया। फिलहाल बसें तीन अलग-अलग रूटों पर चलाई जा रही हैं और यह ट्रायल अगले 5 दिनों तक जारी रहेगा। इस दौरान बसों की रेंज, चार्जिंग व्यवस्था, रूट की व्यवहारिकता, ट्रैफिक दबाव और तकनीकी खामियों की जांच की जाएगी।
ट्रायल के दौरान आम यात्रियों को बसों में सफर करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, जनप्रतिनिधियों और पार्षदों को बसों में बैठाकर परीक्षण किया जाएगा। बसों का संचालन दो शिफ्टों में होगा। पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी।इलेक्ट्रिक बसें बैरागढ़ डिपो से पुराने भोपाल होते हुए बोर्ड ऑफिस, भोपाल रेलवे स्टेशन (प्लेटफॉर्म नंबर-1) और कोलार के बैरागढ़ चीचली रूट तक चलाई जा रही हैं। ट्रायल के जरिए इन मार्गों पर बस संचालन से जुड़ी चुनौतियों और यातायात की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, भोपाल में अब तक 21 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं। अगले 10 से 12 दिनों में 20 और नई बसें आने की उम्मीद है। इसके बाद शहर में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा और बढ़ जाएगा। बसों के संचालन के लिए बैरागढ़ डिपो में 11 चार्जिंग पॉइंट भी तैयार कर दिए गए हैं, ताकि नियमित सेवा शुरू होने के बाद चार्जिंग में किसी तरह की परेशानी न हो।
गौरतलब है कि रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इन्हीं इलेक्ट्रिक बसों से जगदीशपुर में आयोजित कैबिनेट बैठक में पहुंचकर सफर किया था। यदि ट्रायल सफल रहता है, तो अगस्त महीने से भोपाल के आम नागरिकों के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू कर दी जाएगी, जिससे शहर को आधुनिक, सुविधाजनक और प्रदूषण मुक्त सार्वजनिक परिवहन की नई सौगात मिलेगी।
