नई दिल्ली, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपनी सेहत में सुधार का हवाला देते हुए अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर तुरंत डिस्चार्ज करने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब उन्हें आधिकारिक तौर पर हिरासत में नहीं रखा गया है, तो उन पर अनावश्यक पाबंदियां क्यों लगाई जा रही हैं। वांगचुक आज संसद चलो अभियान के तहत जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होना चाहते हैं।
नीट पेपर लीक और आंदोलन
सोनम वांगचुक पिछले एक महीने से नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने अपनी तीन मुख्य शर्तें सरकार के सामने रखते हुए अनशन वापस लेने की बात कही है। जंतर-मंतर पर हजारों प्रदर्शनकारियों के जुटने और पुलिस कार्रवाई के बीच उनका यह कदम आंदोलन को और तेज कर सकता है।
स्वास्थ्य बुलेटिन और मेडिकल निगरानी
दूसरी ओर, VMMC और सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी 20 जुलाई के मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य में सुधार है और उनके सभी जरूरी पैरामीटर्स स्थिर हैं। हालांकि, एम्स और सफदरजंग के विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम उनकी लगातार क्लिनिकल निगरानी कर रही है ताकि किसी भी संभावित जटिलता से समय रहते बचा जा सके।

