फ्लोरिडा, पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ लगातार नौवें दिन भी अपने सैन्य अभियान जारी रखे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि इन हमलों से ईरान को भारी नुकसान हुआ है और उसने अपनी सैन्य क्षमता का लगभग सब कुछ खो दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण है और ईरान का वहां कोई वश नहीं चलता।
सैन्य कार्रवाई और क्षेत्रीय तनाव
सेंटकॉम के अनुसार, इन हमलों का मुख्य उद्देश्य तेहरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है जिनका उपयोग वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हमले के लिए किया जाता है। दूसरी ओर, ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर प्रेस टीवी ने दावा किया कि इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सीरिया में अमेरिकी कमांड सेंटर पर जवाबी हमला किया है और होर्मुज पर उसका खुद का मजबूत नियंत्रण बना हुआ है। इसके अलावा, यूएई और ईरान के कई हिस्सों में धमाकों की खबरें सामने आई हैं।
सैनिकों की हताहत और नौसैनिक नाकाबंदी
इस संघर्ष के बीच अमेरिकी सेना ने जॉर्डन और इराक में हाल ही में हुए हमलों में अपने कुछ सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि की है, जिनकी पहचान प्रक्रिया जारी है। क्षेत्र में तनाव को और बढ़ाते हुए अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी को सख्ती से लागू किया है, जिसके तहत कई व्यावसायिक जहाजों के मार्ग को बदला गया है। यह पूरा घटनाक्रम पश्चिम एशिया में एक बड़े भू-राजनीतिक और सैन्य टकराव का रूप लेता जा रहा है।

