भूस्खलन के चलते कैलाश मानसरोवर यात्रा दूसरे दिन भी रही बाधित, धारचूला में फंसा चौथा दल

पिथौरागढ़, 18 जुलाई (वार्ता) कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर लगातार हो रहे भूस्खलन के चलते उत्तराखंड के लिपूलेख दर्रे से होकर गुजरने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा पर फिलहाल ब्रेक लग गया है और रविवार को दूसरे दिन भी यात्रा बाधित रही।

सीमांत पिथौरागढ़ जिले के धारचूला के उप जिलाधिकारी आशीष जोशी के अनुसार यात्रा मार्ग पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। विगत 17 जुलाई को गर्बाधार के पास बड़े बड़े बोल्डरों के साथ पहाड़ी से भारी मलबा आ गया था। भूस्खलन के चलते पूरे जिले भर की 20 से अधिक सड़कें बंद हो गयी थीं।

उन्होंने बताया कि मलबा आने से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग भी बाधित हो गया था। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) कल से ही मार्ग को खोलने में जुटा हुआ है। आज भी दिनभर बीआरओ की टीम संपर्क बहाल करने में जुटी रही लेकिन बरसात के चलते शाम के समय और मलबा आ गया जिससे संपर्क बहाल नहीं हो पाया।

उन्होंने बताया कि इसके चलते कैलाश मानसरोवर के चौथे दल को पांगला से वापस धारचूला भेज दिया गया है। यह दल मार्ग बाधित होने से पिछले दो दिन से धारचूला में रुका हुआ है। इसी प्रकार कैलाश के दर्शन कर वापस लौटे पहले दल को मार्ग बाधित होने के चलते बूदी में ठहराया गया है। इस दल को आज धारचूला पहुंचना था।

उन्होंने कहा कि बीआरओ और कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के साथ जिला प्रशासन समन्वय स्थापित कर यात्रा को सुचारू बनाने का प्रयास कर रहा है। उम्मीद है कि सोमवार को यात्रा मार्ग बहाल होने के साथ यात्री अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से खाने पीने के साथ ही स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

 

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