आशीष कुर्ल और दीपक तिवारी
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल के समीप ऐतिहासिक जगदीशपुर में रविवार को आयोजित विशेष मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया। कैबिनेट ने यूसीसी के ड्राफ्ट विधेयक को मंजूरी दे दी है। अब इसे विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।
बाद में सीएम ने पत्रकारों को बताया कि स्वीकृत ड्राफ्ट के अनुसार राज्य में सभी धर्मों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु पुरुषों के लिए 21 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 वर्ष होगी। बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा तथा सभी समुदायों के लिए विवाह का पंजीकरण अनिवार्य होगा।ड्राफ्ट में लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण भी अनिवार्य करने का प्रावधान किया गया है। ऐसे संबंधों से जन्म लेने वाले बच्चों को पैतृक संपत्ति में वैधानिक और पूर्ण अधिकार मिलेगा।
सरकार ने अनुसूचित जनजातियों (एसटी) को यूसीसी के दायरे से बाहर रखने का निर्णय लिया है, ताकि उनकी पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक प्रथाएं सुरक्षित रह सकें।इसके अलावा उत्तराधिकार, गोद लेने और गुजारा भत्ता से जुड़े नियम सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होंगे। पैतृक संपत्ति में बेटों और बेटियों को समान अधिकार देने का भी प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
