
ग्वालियर। ज्ञान, भक्ति और आस्था के भाव में डूबी भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा शनिवार को जब ग्वालियर शहर की सड़कों से गुजरी तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
भक्तों के सैलाब के बीच इस्कॉन के तत्वावधान में भगवान जगन्नाथ की पावन रथ यात्रा निकाली गई। इस पावन रथ यात्रा में साधु संतों सहित प्रदेश भाजपा प्रभारी महेंद्र सिंह, मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी शामिल हुए।
भगवान जगन्नाथ की जय की गूंज के साथ रास्ते भर भक्तों ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और पुष्प वर्षा कर स्वयं को धन्य किया। इस पावन रथ यात्रा महोत्सव का प्रारंभ जीवाजी क्लब मार्ग से हुआ। इससे पहले इस्कॉन संतों की उपस्थिति में भगवान जगन्नाथ के विग्रह का पूजन किया तथा इस्कॉन की संतों ने विशेष प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उत्तर प्रदेश के एमएलसी और मध्य प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह तथा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी रथ यात्रा से पूर्व श्रद्धालुओं के बीच अपनी बात रखी। ग्वालियर के सांसद भरत सिंह कुशवाहा भी रथ यात्रा में मौजूद रहे।
इस अवसर पर इस्कॉन के
श्री महामन दास महाप्रभु ने अपने संबोधन में बताया कि इस्कॉन की ओर से अब तक 35 रथ यात्राएं निकाली जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पुरी में निकाली जाने वाली परंपरागत जगन्नाथ रथ यात्रा के बाद ग्वालियर में दूसरी सबसे बड़ी यात्रा निकाली जा रही है। जीवाजी क्लब से विभिन मार्गो के साथ लक्ष्मीगंज स्थित गोयल वाटिका तक की मार्ग पर भक्ति और ज्ञान की रसधारा बहती नजर आई। रथ यात्रा महोत्सव में खास आकर्षण भगवान जगन्नाथ का 40 फीट ऊंचा रथ रहा। रथ यात्रा महोत्सव में ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही बड़ी संख्या में देश विदेश से आए श्रद्धालु भी भक्ति और ज्ञान के इस अनूठे संगम में शामिल हुए। रथ यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई, भक्तों का उत्साह भी बढ़ता गया। हर कोई भगवान जगन्नाथ के रथ को अपने हाथों से खींचने के लिए अपने आपको नजर आया। भाव विभोर श्रद्धालु नाचते गाते नजर आए।
इस्कॉन ग्वालियर के प्रमुख मानस चंद्रदास महेन्द्र प्रभुजी एवं भगवान जगन्नाथजी की रथ यात्रा महामहोत्सव के संयोजक देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर रथ यात्रा में विशेष रूप से शामिल हुए। जीवाजी क्लब मार्ग से शुरू हुई रथ यात्रा अचलेश्वर,इंदरगंज चौराहा, दाल बाजार, नया बाजार लोहिया बाजार, ऊंट पुल दौलतगंज, महाराज बाड़ा, सराफा बाजार, हनुमान चौराहा होते हुए लक्ष्मीगंज स्थित गोयल वाटिका पहुंची जहां रथ यात्रा का विधि विधान से समापन किया गया।
इस दौरान पूरे रास्ते धार्मिक और सामाजिक संगठनों सहित स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना की ओर भक्ति भाव से फूलों से स्वागत किया।
भगवान भाव के भूखे होते हैं, इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ के भक्तों ने अपने भावों को व्यक्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस अवसर पर हर भक्त भगवान के रथ को खींचने के लिए आतुर नजर आया। रथ यात्रा में शामिल हजारों की संख्या में भक्तों में कोई नाच रहा था तो कोई गा रहा था। आस्था और भक्ति की इस गंगा में हर कोई डूबने को व्याकुल था।
भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल मौजूद रहा लेकिन प्रभु के भक्तों ने पूरा अनुशासन और संयम रखा तथा किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं आया। रथ यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के विग्रह को अपलक की आरती नजर आए। क्या पुरुष, क्या महिलाएं और बच्चे प्रभु के दिव्य विग्रह को निहारते रहे।
