यदि अतिक्रमण है तो सुनवाई का अवसर देते हुए हटाओ

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने सीधी जिले की मझौली तहसील अंतर्गत ग्राम मझगवां के माध्यमिक शाला परिसर व खेल मैदान में अतिक्रमण किये जाने को हाईकोर्ट ने सख्ती से लिया। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया व जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने मामले का पटाक्षेप करते हुए आवेदक को कहा है कि वह अपनी शिकायत पीएमएलए समिति को दे, जिसके प्रमुख जिला कलेक्टर है। यदि वे पाते है कि अतिक्रमण है तो पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देते हुए उन्हें हटाने की कार्रवाई करे। उक्त पूरी कार्रवाई के लिये न्यायालय दो माह की समय सीमा निर्धारित की है।

दरअसल यह जनहित का मामला सीधी जिले के मझगवां ग्राम पंचायत के सरपंच सुजय सिंह की ओर से दायर किया गया था। जिसमें आवेदक की ओर से कहा गया था कि ग्राम में स्थित शासकीय माध्यमिक शाला की बाउंड्रीवाल व खेल मैदान पर अनावेदकों ने निर्माण कार्य कर अतिक्रमण कर रखा है। जिससे स्कूल के बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उक्त मामले की शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से की गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है। मामले में मप्र शासन के सचिव, कलेक्टर सीधी, एसडीओ व एडिशनल तहसीलदार मझौली सहित अनावेदक छब्बीलाल साहू, बालमुकुन्द साहू, भरत साहू, राजकुमार नामदेव व प्रेमलाल साहू को पक्षकार बनाया गया था। मामले की सुनवाई पश्चात न्यायालय ने उक्त निर्देश के साथ मामले का पटाक्षेप कर दिया।

Next Post

आबकारी विभाग ने की कार्रवाई

Sat Jul 18 , 2026
बड़वानी। जिले में अवैध मदिरा पर रोकथाम के लिए कलेक्टर जयति सिंह द्वारा सतत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। निर्देश के पालन में जिला आबकारी अधिकारी अशोक कुमार खत्री के मार्गदर्शन में एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी अभिलाषा वर्मा के नेतृत्व में आबकारी वृत-राजपुर के उपनिरीक्षक कमलेश बामनिया एवं […]

You May Like