ग्वालियर: अलनीनो के संभावित प्रभाव और कम वर्षा की आशंका के मद्देनजर ग्वालियर जिले के किसानों से धान के बजाय मोटे अनाज उगाने और अपनी फसल का बीमा कराने की अपील की गई है। मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा और वर्षा अंतराल अधिक होने की संभावना व्यक्त की गई है। इस बात को ध्यान में रखकर किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा भी किसानों को सलाह दी गई है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कृषि एवं उससे जुड़े विभागों के मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों को इस दिशा में लगातार किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास भानु प्रकाश शर्मा ने किसानों को सलाह दी है कि कम पानी चाहने वाली फसलों जैसे ज्वार, बाजरा, मक्का, तिल, उड़द और मूंग की बुवाई करें। इन फसलों को धान की तुलना में काफी कम पानी की आवश्यकता होती है। ज्वार को 500 एम.एम., बाजरा, तिल, उड़द, मूंग को 400 एम.एम. और मक्का को 600 एम.एम. पानी की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत धान को लगभग 1400 एम.एम. पानी की आवश्यकता होती है। किसानों को धान की फसल लगाने से परहेज करने का आग्रह किया गया है।
31 जुलाई तक अवश्य करा लें अपनी फसल का बीमा
सभी ऋणी एवं अऋणी कृषकों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। किसान भाई अपनी फसलों का बीमा किसान कॉमन सर्विस सेंटर, बैंक शाखाओं और फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से करा सकते हैं। फसल बीमा कराने के लिये किसान का आधार नंबर, बैंक पासबुक की छायाप्रति, भूमि से संबंधित दस्तावेज (खतौनी) इत्यादि व फसल बुवाई प्रमाण पत्र की जरूरत होती है। फसल बीमा प्राकृतिक आपदाओं और जोखिमों से होने वाली हानि को कवर करता है।
