
नई दिल्ली, 29 अगस्त। हाल के दिनों में, रूस में भारतीय मजदूरों की मांग तेजी से बढ़ी है। ऐसा माना जा रहा है कि रूस में हो रहे बड़े प्रोजेक्ट्स और श्रमिकों की कमी के कारण भारतीय मजदूरों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस मामले में, रूस में भारत के राजदूत ने भी कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं।
क्यों बढ़ रहा है क्रेज?
भारतीय राजदूत के अनुसार, रूस के कई बड़े शहरों में निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स में तेजी आई है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष की वजह से वहां के स्थानीय मजदूरों की कमी हो गई है, जिससे विदेशी श्रमिकों की मांग बढ़ गई है। भारतीय मजदूर अपनी लगन, कौशल और कम लागत के लिए जाने जाते हैं, जो रूसी कंपनियों को आकर्षित कर रहा है।
भारतीय मजदूरों के लिए अवसर
रूस में भारतीय श्रमिकों के लिए कई नए अवसर खुल रहे हैं। ये न केवल निर्माण क्षेत्र में हैं, बल्कि तेल, गैस और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी इनकी मांग बढ़ रही है। इस बढ़ती मांग के कारण, भारतीय श्रमिकों को बेहतर वेतन और कामकाजी परिस्थितियां मिलने की उम्मीद है, जिससे उनके लिए रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।
सरकार की भूमिका
दोनों देशों की सरकारें इस दिशा में सहयोग कर रही हैं। भारत सरकार अपने श्रमिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है, जबकि रूसी सरकार भी वीजा और अन्य प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर काम कर रही है। यह सहयोग दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में सहायक होगा।
