चंडीगढ़, 17 जुलाई (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में लगभग 4,700 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए कहा कि इस केंद्र शासित प्रदेश का विकास केवल इसी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को भी नयी गति मिलेगी।
हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन संचालित यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद चंडीगढ़ पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि देशभर में करीब 1.75 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं, जबकि ‘ई-संजीवनी’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोग घर बैठे डॉक्टरों से परामर्श ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिये जाने के कारण अब 90 प्रतिशत से अधिक प्रसव अस्पतालों में हो रहे हैं, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आयी है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने ‘पीजीआईएमईआर’ में 485 करोड़ रुपये की लागत से बने ‘एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर’ और 500 करोड़ रुपये के एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर का उद्घाटन किया। साथ ही संस्थान में 208 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास भी किया।
शिक्षा क्षेत्र में भी कई नयी परियोजनाओं की शुरुआत की गयी। प्रधानमंत्री ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में कुरुक्षेत्र बॉयज़ हॉस्टल का उद्घाटन किया। इसके अलावा सेक्टर-46 स्थित सरकारी कॉलेज में 36 करोड़ रुपये की लागत से बने नये छात्रावास का उद्घाटन किया गया, जबकि शोधार्थियों के लिए एक नए ‘रिसर्च स्कॉलर्स हॉस्टल’ की आधारशिला भी रखी गयी।
क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने लगभग 3,300 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन प्रमुख सड़क परियोजनाओं की शुरुआत की। इनमें ‘आईटी सिटी-कुराली ग्रीनफील्ड रोड’, ‘जीरकपुर बाईपास’ और ‘पीआर-7 स्पर रोड परियोजना’ शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से चंडीगढ़, मोहाली और जीरकपुर के बीच यातायात सुगम
होगा, ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और माल ढुलाई की रफ्तार बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ को सुनियोजित शहरी विकास का आदर्श मॉडल बताते हुए कहा कि शहर के आधुनिक और डिजिटल बुनियादी ढांचे पर केंद्र सरकार पहले ही 2,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर चुकी है। उन्होंने ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान के लिए पद्म सम्मान से सम्मानित भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू की सराहना की और कहा कि चंडीगढ़ का समग्र विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि लगभग डेढ़ वर्ष पहले देश के नये आपराधिक कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’ का क्रियान्वयन भी चंडीगढ़ से ही शुरू किया गया था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि पिछले वर्षों में देश में चिकित्सा शिक्षा का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि जहां पहले देश में केवल एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान था, वहीं अब इसकी संख्या बढ़कर 23 से अधिक हो चुकी है। इसी तरह मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी बढ़कर 818 से अधिक पहुंच गयी है। श्री नड्डा ने चंडीगढ़ को प्रधानमंत्री की पुरानी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि संगठन के विस्तार के दौरान उन्होंने उत्तर भारत में लंबे समय तक यहीं से काम किया और पार्टी को मजबूत आधार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
कार्यक्रम के दौरान चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी भी मंच पर मौजूद रहे, जिसने राजनीतिक हलकों का भी ध्यान आकर्षित किया।
