जबलपुर: किसानों की लगातार बढ़ती समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के पदाधिकारियों और किसानों ने एकत्रित होकर मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन पनागर तहसीलदार को सौंपा। इस दौरान किसानों ने अपनी नौ मांगों को लेकर जमकर आवाज उठाई।संगठन के जिला अध्यक्ष रामराज पटेल का कहना है कि आज का अन्नदाता चौतरफा संकट से घिरा हुआ है।
लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन फसल बेचने पर उसकी मेहनत का सही मूल्य भी नसीब नहीं हो रहा है। सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने किसानों की 9 मुख्य मांगों को प्रमुखता से उठाया है जिसमें फसलों का लाभकारी दाम सुनिश्चित किया जाए। अनियमित बारिश और नहरों की बदहाली से खेती सूख रही है, नहरों की मरम्मत कर पानी की सुचारू व्यवस्था हो।
कृषि पंपों के लिए पर्याप्त और नियमित बिजली की आपूर्ति की जाए, ताकि सिंचाई बाधित न हो। सही समय पर किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। फसल के नुकसान होने पर बीमा क्लेम और राहत राशि के भुगतान में की जा रही लेत-लतीफी को तुरंत बंद किया जाए। बढ़ते कर्ज और भारी ब्याज के कारण किसान मानसिक दबाव में हैं, उनके लिए राहत पैकेज लाया जाए।
अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए ठोस नीतियां बनें।सरकारी केंद्रों पर पंजीयन, स्लॉट बुकिंग, तौल और भुगतान में होने वाली देरी को खत्म किया जाए। क्षेत्र के किसानों के हित में उड़द एवं मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी सरकारी स्तर पर अनिवार्य रूप से की जाए। ज्ञापन सौंपते समय भारतीय किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विवेक पटेल, राष्ट्रीय महासचिव किशन पटेल, जिला उपाध्यक्ष डॉ. संतोष पटेल, जिला अध्यक्ष रामराज पटेल सहित रामराज पटेल, मथुरा प्रसाद, कौशल पटेल, राजेश पटेल और भारी संख्या में क्षेत्रीय किसान उपस्थित रहे।
