सतना: भारतीय रेलवे के हजारों लोको पायलट और सहायक लोको पायलट राष्ट्रव्यापी ‘मुंडी गरम’ प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन भीषण गर्मी के दौरान बिना एसी वाले लोकोमोटिव केबिनों के अंदर की अत्यधिक गर्मी के खिलाफ है। इसी कड़ी में बुधवार को प्लेट फॉर्म क्रमांक 1 पर रनिंग रूम के सामने भी यह विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।
प्रदर्शन कर रहे रेल कर्मियों ने बताया के विरोध अभियान के लिए चुना गया शब्द ‘मुंडी गरम’ लोकोमोटिव केबिनों के अंदर सहन की जाने वाली भीषण गर्मी को दर्शाता है। रेलवे रनिंग स्टाफ एसोसिएशन का कहना है कि देश भर में चल रहे लगभग 60 प्रतिशत इंजनों में अभी भी कार्यात्मक एयर कंडीशनिंग सिस्टम नहीं हैं, जिसके कारण ट्रेन चालकों को इंजन केबिन के अंदर कथित तौर पर 50 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
परिचालन सुरक्षा दोनों प्रभावित
ऑल-इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य उन ‘अमानवीय कामकाजी परिस्थितियों’ की ओर ध्यान आकर्षित करना है, जिनका वर्णन ट्रेन चालक कर रहे हैं और जो स्वास्थ्य और परिचालन सुरक्षा दोनों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही हैं। लोको पायलटों को असहनीय तापमान में ट्रेनें चलाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि रेलवे अधिकारियों से बार-बार की गई अपीलों का कोई खास जवाब नहीं मिला है।
