
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा भव्य धार्मिक परंपराओं के साथ शुरू हो गई। इस अवसर पर देश और विदेश से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन किए। पारंपरिक विधि-विधान और मंदिर की सभी धार्मिक रस्में पूरी होने के बाद तीनों देवताओं को उनके भव्य रथों पर विराजमान किया गया। इसके बाद रथ यात्रा श्रीमंदिर से गुंडीचा मंदिर की ओर रवाना हुई।
रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने रस्सियों की मदद से तीनों रथों को खींचा। इसे भगवान की सेवा और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए थे। पुलिस,मेडिकल और आपातकालीन सेवाओं को भी तैनात किया गया।
बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में लोग रथ यात्रा में शामिल हुए। पुरी की यह रथ यात्रा हर साल आयोजित होने वाला प्रमुख धार्मिक आयोजन है जिसमें भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर यानी गुंडीचा मंदिर जाते हैं। यह यात्रा भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है। हर वर्ष इस आयोजन को देखने और इसमें शामिल होने के लिए लाखों लोग पुरी पहुंचते हैं।
