आज भी गांवो में कांकड़ रेखा सुरक्षित करने का प्रचलन है 

बागली। वर्ष में एक बार गुप्त नवरात्रि के अवसर पर बागली क्षेत्र के आसपास कई गांवो में गांव की काकड़ सुरक्षित करने का उपाय प्रचलित है इस दौरान गांव के पटेल या प्रतिष्ठित व्यक्ति शराब की धार या अन्य टोटके साधन से गांव को सुरक्षित करते हैं। इसी प्रचलन में ग्राम किशनगढ़ में सुख समृद्धि एवं निरोग के लिए गांव के पटेल पवन सिंह पवार द्वारा किशनगढ़ गांव में अग्नि ज्वाला से गांव के आसपास रेखा को बांधा गया। ग्रामीण भीम सिंह सोलंकी ने बताया कि ऐसा करने से गांव में कोई भी अनहोनी रही होती और सभी का स्वास्थ्य भी ठीक रहता है यह परंपरा कई वर्षों से जारी है पटेल परिवार के सदस्य गांव की काकड़ सीमा के आसपास स्वयं चलकर ज्वाला रेखा बांधते हैं।

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