
सीधी। कलेक्टर विकास मिश्रा ने रिडेंसीफिकेशन परियोजना के अंतर्गत कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माणाधीन नवीन प्रशासनिक भवन एवं शासकीय सेवकों के लिए बनाए जा रहे 72 आवासीय फ्लैट्स के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली तथा इसके उपरांत निर्माणाधीन आवासीय फ्लैट्स का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री, मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड से निर्माण कार्यों की वर्तमान प्रगति, शेष कार्यों एवं निर्धारित समय-सीमा के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा आवश्यक संसाधन बढ़ाकर कार्यों की गति में तेजी लाई जाए, जिससे परियोजना को दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण किया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि शासन की यह महत्वपूर्ण परियोजना जिले की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक सुव्यवस्थित एवं आधुनिक बनाने के साथ-साथ शासकीय सेवकों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन आवासीय फ्लैट्स का अवलोकन करते हुए निर्माण सामग्री, संरचनात्मक गुणवत्ता एवं कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य पूर्ण गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किए जाएं तथा किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न किया जाए। साथ ही निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने एवं निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप कार्य संपादित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा सामने आने वाली तकनीकी अथवा प्रशासनिक बाधाओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे परियोजना समय पर पूर्ण होकर उपयोग के लिए उपलब्ध हो सके। बैठक में उपखंड अधिकारी गोपद बनास प्रिया पाठक, तहसीलदार मीनाक्षी जायसवाल, कार्यपालन यंत्री मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं निर्माण कार्य से जुड़े संविदाकार उपस्थित रहे।
