ट्रंप का बड़ा बयान! रूस पर लगने वाले प्रतिबंधों की जद में आएंगे ईरान और हिज्बुल्लाह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि रूस पर लगने वाले नए प्रतिबंधों में अब ईरान और हिजबुल्लाह को भी शामिल किया जा सकता है। भारत-चीन पर कोई चर्चा नहीं है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक बहुत ही बड़ा और अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा समर्थित नए कानून का दायरा बढ़ाया जा सकता है। इस कानून में रूस पर लगाए जाने वाले कड़े प्रतिबंधों के साथ ईरान और हिजबुल्लाह को भी जोड़ा जा सकता है। व्हाइट हाउस में इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के साथ एक अहम बैठक के दौरान ट्रंप ने यह बड़ी बात कही है।

ट्रंप से पूछा गया था कि क्या वह इस नए प्रतिबंध पैकेज वाले अहम कानून पर हस्ताक्षर करेंगे। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि अमेरिकी सांसद इस प्रतिबंध पैकेज का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने बताया कि यह सख्त कदम दिवंगत ग्राहम के सम्मान में उठाया जा सकता है क्योंकि वह इसके समर्थक थे। ग्राहम हमेशा से ही रूस के खिलाफ कड़े कदम उठाने के बहुत बड़े और मजबूत समर्थकों में से एक माने जाते थे।

ईरान और हिजबुल्लाह पर शिकंजा
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मुझे अच्छी तरह पता है कि लिंडसे ग्राहम इसे बहुत ही ज्यादा चाहते थे। मुझे लगता है कि सांसद इसमें ईरान को भी जोड़ सकते हैं और यह एक बहुत बड़ा कदम होगा। वे हिजबुल्लाह को भी इसमें शामिल कर सकते हैं जिस पर अभी लगातार बातचीत चल रही है। इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए सांसदों का काफी ज्यादा समर्थन भी दिखाई दे रहा है।

भारत और चीन पर रुख
राष्ट्रपति ने कहा कि हम इस पर विचार कर रहे हैं और सांसद इसे गंभीरता से आगे बढ़ाएंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या इसमें भारत और चीन पर द्वितीयक प्रतिबंध शामिल होंगे, तो उन्होंने इनकार किया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि भारत और चीन जैसे देशों पर प्रतिबंधों को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। अगर द्वितीयक प्रतिबंधों की बात है तो हमें देखना होगा क्योंकि अभी इस पर चर्चा नहीं हुई है।

मध्य पूर्व से खत्म हो रहा डर
यह अहम बयान ट्रंप और इराकी प्रधानमंत्री के बीच मध्य-पूर्व के मुद्दों पर हुई बातचीत के दौरान आया। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि मध्य-पूर्व के क्षेत्र में ईरान का प्रभाव अब काफी कमजोर हो गया है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि पूरा मध्य-पूर्व अब एक साथ मिलकर आगे आ रहा है। हम मध्य-पूर्व के दबंग को हटा रहे हैं क्योंकि ईरान ही वहां का सबसे बड़ा दबंग था।

ईरान की सैन्य ताकत को नुकसान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने हमेशा इराक और हर दूसरे पड़ोसी देश को डराया और धमकाया है। लेकिन अब वहां कोई डर नहीं है क्योंकि उनकी सैन्य ताकत को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। मध्य पूर्व के देशों में शांति लाने के लिए इन कड़े प्रतिबंधों का लागू होना काफी अहम माना जा रहा है। अमेरिका लगातार ईरान और उसके समर्थित गुटों पर अपना भारी दबाव बनाने की भरपूर कोशिश कर रहा है।

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